शाहदरा साइबर पुलिस ने टेलीग्राम के जरिए निवेश के नाम पर ठगी करने वाले दो जालसाजों को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के शाहदरा जिला अंतर्गत साइबर थाना की टीम ने ऑनलाइन निवेश और क्रिप्टो ट्रेडिंग के नाम पर मासूम लोगों को ठगने वाले एक गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर और अलीगढ़ से दो शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने टेलीग्राम के माध्यम से एक व्यक्ति से ₹1,05,969 की धोखाधड़ी की थी। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रिंकू (28 वर्ष) और अभिषेक यादव (26 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए हैं।

शाहदरा जिले के डीसीपी राजेंद्र प्रसाद मीणा ने बताया कि नवंबर 2025 में ज्वाला नगर निवासी रमन शर्मा ने शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित के मुताबिक, जुलाई 2025 में कुछ अज्ञात लोगों ने टेलीग्राम ग्रुप के जरिए उनसे संपर्क किया और क्रिप्टो ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच दिया। ठगों ने पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए अन्य ग्राहकों के फर्जी प्रॉफिट स्क्रीनशॉट साझा किए, जिसके झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग यूपीआई आईडी और बैंक खातों में ₹1.05 लाख से अधिक की राशि ट्रांसफर कर दी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर विनीत कुमार, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र, विकास और संदीप की एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल सबूतों के आधार पर उन मोबाइल नंबरों और बैंक खातों को ट्रैक किया, जिनका उपयोग ठगी के लिए किया गया था। जांच के दौरान पुलिस बुलंदशहर पहुंची और रिंकू को दबोच लिया, जिसके मोबाइल नंबर से वह बैंक खाता लिंक था जिसमें ठगी की रकम जमा हुई थी। इसके बाद पुलिस ने अलीगढ़ में छापेमारी कर अभिषेक यादव को गिरफ्तार किया, जो ट्रांजेक्शन अलर्ट और ओटीपी हैंडल करने का काम करता था।

पकड़ा गया आरोपी रिंकू बुलंदशहर के डिबाई का रहने वाला है, जबकि अभिषेक यादव अलीगढ़ के असदपुर का निवासी है। अभिषेक का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से वे दोनों मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनका उपयोग पीड़ित से संवाद करने और फर्जी बैंक खातों को संचालित करने के लिए किया जा रहा था। पुलिस अब इस साइबर नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है ताकि इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश किया जा सके। शाहदरा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे टेलीग्राम या अन्य सोशल मीडिया एप्स पर मिलने वाले अनजान निवेश प्रस्तावों से सावधान रहें।

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