विहिप इंद्रप्रस्थ प्रांत के भूमि पूजन कार्यक्रम में पहुंचे सरसंघचालक मोहन भागवत, राजा शिव के उदाहरण से समाज को किया जाग्रत

नई दिल्ली: दिल्ली के झंडेवाला इलाके में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के इंद्रप्रस्थ प्रांत के नवीन कार्यालय का भूमि पूजन कार्यक्रम पूरी भव्यता और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। इस प्रस्तावित कार्यालय का नाम महान जननायक और विहिप के पूर्व अध्यक्ष के सम्मान में “अशोक सिंघल आध्यात्मिक केंद्र” रखा गया है। कार्यक्रम में मुख्य मार्गदर्शक के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने समाज को अपने धर्म के संरक्षण और संवर्धन के प्रति सदैव सजग रहने का आवाहन किया। इस अवसर पर संतों और वरिष्ठ पदाधिकारियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

समारोह को संबोधित करते हुए सरसंघचालक मोहन भागवत ने राजा शिव के प्रेरक उदाहरण का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि समाज को अपने-अपने धर्म के मूल्यों की रक्षा के लिए तत्पर रहना चाहिए। उन्होंने कार्यालय की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक सुव्यवस्थित स्थान संगठन के आदर्श चरित्र और उसकी कार्यप्रणाली को और अधिक सशक्त बनाता है। कार्यक्रम की प्रस्तावना रखते हुए प्रांत मंत्री सुरेंद्र गुप्ता ने बताया कि दिल्ली प्रांत और योगक्षेम सेवा न्यास ने संयुक्त रूप से इस केंद्र का नामकरण तय किया है, जो आने वाले समय में कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगा।

भूमि पूजन के इस पुनीत अवसर पर शारदा पीठ के शंकराचार्य राजराजेश्वर महाराज ने अपने आशीर्वचन प्रदान किए। उन्होंने इस कार्य को संगठन के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी कदम बताते हुए शुभकामनाएं दीं। वहीं, प्रांत अध्यक्ष श्री कपिल खन्ना ने अपने उद्बोधन में कहा कि स्वयं का कार्यालय होने से संगठनात्मक गतिविधियों को न केवल गति मिलेगी, बल्कि कार्यकर्ताओं को विभिन्न कार्यक्रमों के सुचारू संचालन के लिए एक सुदृढ़ मंच भी प्राप्त होगा। उन्होंने इसे कार्यकर्ताओं के दशकों पुराने सपने का साकार होना बताया।

समारोह में केंद्रीय महामंत्री बजरंग लाल बागरा, योगक्षेम न्यास के अध्यक्ष महेश सहित संगठन के कई दिग्गज मंच पर उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे, क्षेत्र संगठन मंत्री नीरज दनोरिया और प्रांत संगठन मंत्री सुबोध चंद सहित अनेक गणमान्य कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पूरा परिसर ‘जय श्री राम’ और ‘वंदे मातरम’ के उद्घोष से गुंजायमान रहा। समस्त कार्यक्रम पूर्णतः अनुशासित और संगठनात्मक एकता के वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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