घर बैठे कमाई और ‘प्रीपेड टास्क’ के नाम पर लूट रहा था गिरोह, दिल्ली पुलिस ने दो को दबोचा, आईफोन और डिजिटल सबूत बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के मध्य जिला अंतर्गत साइबर थाना की टीम ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने करोल बाग निवासी एक व्यक्ति से हुई ₹21,46,000 की धोखाधड़ी के मामले में राजस्थान के सीकर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नरेन्द्र (24 वर्ष) और प्रेम प्रकाश उर्फ लवली (38 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से वारदात में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन, जिनमें एक iPhone 17 Pro Max शामिल है, और वित्तीय लेन-देन से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत बरामद किए हैं।

मध्य जिले के डीसीपी रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि नवंबर 2025 में एक शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें पीड़ित ने बताया कि उसे सोशल मीडिया के जरिए ऊंचे रिटर्न का लालच देकर निवेश के लिए उकसाया गया था। इसके बाद जालसाजों ने ‘प्रीपेड टास्क’, अकाउंट वेरिफिकेशन और अन्य फर्जी शुल्कों के नाम पर उससे कुल ₹21.46 लाख की ठगी कर ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी ऑपरेशंस के मार्गदर्शन और साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में एसआई रणविजय सिंह, हेड कांस्टेबल संदीप, परमवीर और कांस्टेबल अनुज की एक विशेष टीम गठित की गई।

पुलिस टीम ने तकनीकी सर्विलांस और वित्तीय लेन-देन का बारीकी से विश्लेषण किया, जिससे ₹3,00,000 की एक संदिग्ध ट्रांजेक्शन का सुराग राजस्थान के सीकर स्थित एक बैंक खाते में मिला। दिल्ली पुलिस की टीम तुरंत सीकर पहुंची और कड़ियों को जोड़ते हुए नरेन्द्र तक जा पहुंची। पूछताछ में नरेन्द्र ने खुलासा किया कि उसने कमीशन लेकर ठगी की रकम को नकद में बदलकर आगे भेजा था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने प्रेम प्रकाश उर्फ लवली को भी दबोच लिया।

जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि ये आरोपी ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए एक ‘कमीशन नेटवर्क’ चला रहे थे। नरेन्द्र ने ₹20,000 का कमीशन काटकर रकम प्रेम प्रकाश को दी, जिसने फिर अपना हिस्सा रखकर राशि अंकित नामक व्यक्ति को सौंप दी। पुलिस अब इस मामले के सह-आरोपी अंकित की तलाश में जुटी है। पुलिस पकड़े गए आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच कर रही है। मध्य जिला पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लुभावने निवेश प्रस्तावों या ऑनलाइन टास्क के झांसे में न आएं और सतर्क रहें।

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