पश्चिम एशिया में मंदी तनाव पर पीएम मोदी की मैक्रों से बात, बोले- तनाव कम करने की तत्काल जरूरत है

राष्ट्रीय जजमेंट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को कम करने के लिए संवाद और कूटनीति की तत्काल आवश्यकता है। मोदी ने कहा कि वे क्षेत्र और उससे परे शांति और स्थिरता के लिए मैक्रॉन के साथ समन्वय करने के लिए उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि मैंने अपने प्रिय मित्र, राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन से पश्चिम एशिया की स्थिति और संघर्ष को कम करने की तत्काल आवश्यकता के साथ-साथ संवाद और कूटनीति की ओर लौटने के बारे में बात की। हम क्षेत्र और उससे परे शांति और स्थिरता को आगे बढ़ाने के लिए अपने घनिष्ठ समन्वय को जारी रखने के लिए उत्सुक हैं।मैक्रॉन द्वारा खाड़ी में ईरान के ऊर्जा संयंत्रों पर हमले को लापरवाहीपूर्ण युद्ध बताते हुए निंदा करने के तुरंत बाद उनकी ये टिप्पणियां आईं। ब्रुसेल्स में यूरोपीय संघ की वार्ता में पहुंचने पर उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऊर्जा उत्पादन क्षमताएं ही नष्ट हो जाती हैं, तो इस युद्ध का कहीं अधिक दीर्घकालिक प्रभाव पड़ेगा। मैक्रॉन ने इस मामले पर अमेरिकियों और ईरानियों के बीच सीधी बातचीत का आह्वान किया, लेकिन ईरान ने युद्ध पर उनके रुख की तुरंत आलोचना की। तेहरान ने कहा कि ईरानी जवाबी कार्रवाई पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने इजरायली और अमेरिकी कार्रवाइयों की निंदा करने में विफल रहे हैं।
इससे पहले नरेन्द्र मोदी ने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और अपने मलेशियाई समकक्ष अनवर इब्राहिम से बात की तथा उनके साथ पश्चिम एशिया में स्थिति पर चर्चा की। तीनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में, क्षेत्र में संघर्ष को कम करने और उसके बाद शांति व स्थिरता बहाल करने का समर्थन किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने ओमान के सुल्तान और मलेशिया के प्रधानमंत्री के साथ टेलीफोन पर हुई अलग-अलग बातचीत में, होर्मुज जलडमरूमध्य में सुरक्षित और निर्बाध नौवहन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। मोदी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि मैंने अपने भाई सुल्तान हैथम बिन तारिक के साथ सार्थक बातचीत की और ओमान के लोगों को ईद की शुभकामनाएं दीं। हम (खाड़ी क्षेत्र में) तनाव कम करने और उसके बाद शांति व स्थिरता बहाल करने के लिए संवाद और कूटनीति को प्राथमिकता देने की आवश्यकता पर सहमत हुए। प्रधानमंत्री ने ओमान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के उल्लंघन की भारत द्वारा की गई निंदा को दोहराया और भारतीय नागरिकों सहित हजारों लोगों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के लिए किए गए प्रयासों की सराहना की।

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