इंटरस्टेट ड्रग नेटवर्क का भंडाफोड़: दिल्ली क्राइम ब्रांच ने दबोचे 4 सप्लायर, भारी मात्रा में नशीली दवाएं बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ER-1) ने नशीली दवाओं की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में छापेमारी कर 59,925 अल्प्राजोलम गोलियां और 2000 रेक्सोजेसिक इंजेक्शन बरामद किए हैं। इस मामले में दिल्ली, यूपी और पंजाब के रहने वाले चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी पंकज कुमार ने बताया कि एसीपी सुनील श्रीवास्तव और निरीक्षक गुरमीत सिंह कटारिया के नेतृत्व में एक टीम संगठित अपराध पर लगाम लगाने के लिए तैनात थी। 7 मार्च को मुखबिर से सूचना मिली कि सोनिया विहार निवासी विपिन कुमार पाल नशीली दवाओं की एक बड़ी खेप पंजाब के पटियाला निवासी सलमान खान को युधिष्ठिर सेतु (यमुना पुल) के पास सौंपने वाला है।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जाल बिछाया। रात करीब 8:25 बजे जैसे ही विपिन ने एक प्लास्टिक का बोरा सलमान को थमाया, पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। बोरे की तलाशी लेने पर अल्प्राजोलम की 59,925 गोलियां बरामद हुईं, जिनका वजन लगभग 8.09 किलोग्राम था। आरोपियों के पास इन दवाओं से संबंधित कोई वैध बिल या डॉक्टर का पर्चा नहीं था। मौके पर बुलाई गई एफएसएल टीम और ड्रग इंस्पेक्टर्स ने भी नशीली दवाओं की पुष्टि की।

पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ कि यह खेप मुजफ्फरनगर निवासी अब्दुल रहमान उर्फ रेहान और रवि गर्ग के माध्यम से मंगवाई गई थी और इसे पंजाब के बरनाला पहुँचाया जाना था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 13 मार्च को रेहान और रवि गर्ग को भी गिरफ्तार कर लिया। उनकी निशानदेही पर मुजफ्फरनगर स्थित एक किराए के कमरे से 2000 नशीले इंजेक्शन (करीब 8 किलोग्राम वजन) बरामद किए गए।

क्राइम ब्रांच की इस सफल कार्रवाई से दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पंजाब के बीच चल रही नशीली दवाओं की एक बड़ी सप्लाई चेन ध्वस्त हो गई है। यह गिरोह मेडिकल दवाओं का उपयोग नशे के रूप में करने के लिए अवैध सप्लाई करता था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और पंजाब में इनके मुख्य खरीदारों की तलाश में जुटी है।

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