धक्का देकर करते थे कन्फ्यूज और उड़ा लेते थे कैश, दो ‘हिस्ट्रीशीटर’ गिरफ्तार, 5 मामले सुलझे

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के बाहरी जिला की पश्चिम विहार ईस्ट थाना टीम ने राहगीरों के साथ लूटपाट करने वाले एक बेहद शातिर “टक्कर गैंग” का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान नीरज उर्फ धनी (26 वर्ष) और राजेश पांडे (30 वर्ष) के रूप में हुई है। ये दोनों आरोपी मंगोलपुरी के रहने वाले हैं और इलाके के घोषित अपराधी हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से नकदी, चोरी की दो मोटरसाइकिल और चोरी की गई तीन पानी की टोंटियाँ बरामद की हैं।

बाहरी जिला के डीसीपी विक्रम सिंह ने बताया कि 26 फरवरी को उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी ओम प्रकाश ने शिकायत दर्ज कराई थी कि जब वह पश्चिम विहार में फुटपाथ पर चल रहे थे, तब एक व्यक्ति ने उन्हें जानबूझकर टक्कर मारी और धक्का-मुक्की करने लगा। इसी दौरान उनका ध्यान भटकाकर आरोपी ने उनकी जेब से दस हजार निकाल लिए और अपने साथी के साथ मोटरसाइकिल पर फरार हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी पश्चिम विहार राजबीर लांबा के मार्गदर्शन में हेड कांस्टेबल कुलदीप, नीरज, मंगल और कांस्टेबल तरुण की एक विशेष टीम गठित की गई।

जांच में सामने आया कि यह गिरोह “टक्कर” मारकर लूटपाट करने के लिए कुख्यात था। आरोपी जानबूझकर किसी निर्दोष राहगीर से टकरा जाते थे, जिससे पीड़ित अपना संतुलन खो देता या भ्रमित हो जाता था। इसी अफरातफरी का फायदा उठाकर ये लोग पलक झपकते ही पीड़ित का मोबाइल या कैश छीन लेते थे और पास में ही ‘स्टार्ट’ हालत में खड़ी मोटरसाइकिल पर बैठकर फरार हो जाते थे। पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास के दर्जनों सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें आरोपियों की लाल रंग की मोटरसाइकिल का नंबर पहचान में आ गया। तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की मदद से पुलिस ने 6 मार्च को बुद्ध विहार के कबूतर चौक के पास छापेमारी कर दोनों को धर दबोचा।

पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने पश्चिम विहार और महेंद्र पार्क इलाकों में चोरी व लूट की कई वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपी नीरज के खिलाफ सात मामले और राजेश के खिलाफ छह मामले पहले से दर्ज हैं। इस गिरफ्तारी से पुलिस ने लूट और चोरी के पांच अलग-अलग मामलों को सुलझा लिया है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से यह जानने का प्रयास कर रही है कि उन्होंने लूटी गई बाकी रकम कहाँ खर्च की है।

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