द्वारका स्पेशल स्टाफ ने इनामी बदमाश योगेश टिल्लू को दबोचा, कालु बंजारा हत्याकांड सहित कई मामलों में था फरार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के द्वारका जिला की स्पेशल स्टाफ टीम ने नो गन्स, नो गैंग्स अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए कुख्यात अपराधी योगेश उर्फ टिल्लू (40 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। आरोपी कृष्ण पहलवान गैंग का सक्रिय सदस्य है और साल 2018 के चर्चित कालु बंजारा हत्याकांड और कृष्ण पहलवान के दो निजी सुरक्षाकर्मियों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक लोडेड देशी पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किया है।

द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि आरोपी योगेश टिल्लू पर कालु बंजारा हत्याकांड में ₹50,000 का इनाम घोषित किया गया था। साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान वह पैरोल पर जेल से बाहर आया था, लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बाद वह वापस नहीं लौटा और तब से फरार चल रहा था। उसे दिल्ली की विभिन्न अदालतों द्वारा चार संगीन मामलों में भगोड़ा घोषित किया गया था।

इंस्पेक्टर कमलेश कुमार के नेतृत्व में एसआई दिनेश, एएसआई विजय और हेड कांस्टेबल जगत की टीम पिछले काफी समय से टिल्लू को ट्रैक कर रही थी। जांच में पता चला कि वह अपनी पहचान छिपाकर मुंबई के एक होटल में काम कर रहा था और पकड़े जाने के डर से राहगीरों के फोन इस्तेमाल करता था। 10 मार्च को पुलिस को सूचना मिली कि वह किसी से मिलने ड़िचाऊं डिपो के पास आने वाला है। सटीक जानकारी के आधार पर टीम ने जाल बिछाया और उसे धर दबोचा।

पूछताछ के दौरान योगेश ने खुलासा किया कि उसने अपराध की दुनिया में 2009 में कदम रखा था। जेल में उसकी मुलाकात गैंगस्टर दर्शन डबास से हुई, जिसके बाद उसने अपना गिरोह बना लिया। वह हत्या, डकैती और पुलिस टीम पर फायरिंग जैसे पांच गंभीर मामलों में शामिल रहा है। फरारी के दौरान उसकी मां की मृत्यु भी हो गई, लेकिन गिरफ्तारी के डर से वह अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं हुआ। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नजफगढ़ थाने में आर्म्स एक्ट के तहत नया मामला दर्ज कर लिया है और उसे संबंधित अदालतों में पेश किया जा रहा है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More