तिहाड़ जेल स्टाफ क्वार्टर से भगोड़ा अपराधी गिरफ्तार: चेक बाउंस मामले में कोर्ट ने किया था घोषित

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के द्वारका जिला की एंटी जेल बेल एवं प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर्स सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के मामले में भगोड़ा घोषित किए गए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान बीर सिंह (54 वर्ष), निवासी तिहाड़ जेल स्टाफ क्वार्टर, हरि नगर के रूप में हुई है। आरोपी बीर सिंह पिछले काफी समय से अदालती कार्यवाही से बच रहा था, जिसके बाद मई 2025 में द्वारका कोर्ट ने उसे आधिकारिक तौर पर प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर घोषित कर दिया था।

द्वारका जिले के डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि भगोड़े अपराधियों और पैरोल जंपर्स के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत इंस्पेक्टर हरीश कुमार के नेतृत्व में एक समर्पित टीम गठित की गई थी। इस टीम में एएसआई ओम प्रकाश, हेड कांस्टेबल कुलवंत सिंह और कांस्टेबल अशोक शामिल थे। 6 मार्च को जब टीम तिहाड़ जेल क्षेत्र में मौजूद थी, तब हेड कांस्टेबल कुलवंत सिंह को गुप्त सूचना मिली कि चेक बाउंस मामले का भगोड़ा आरोपी बीर सिंह अपना पता बदलकर रह रहा है और गिरफ्तारी से बच रहा है।

सटीक जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने हरि नगर स्थित तिहाड़ जेल स्टाफ क्वार्टर के पास जाल बिछाया। मुखबिर के इशारे पर पुलिस ने घेराबंदी कर बीर सिंह को धर दबोचा। आरोपी को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है। जांच में सामने आया कि आरोपी का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है, लेकिन चेक बाउंस के मामले में अदालती सम्मनों की अनदेखी करने के कारण उसे ‘भगोड़ा’ घोषित किया गया था।

पुलिस की इस मुस्तैदी ने यह साफ कर दिया है कि आर्थिक अपराधों या अदालती आदेशों की अवहेलना करने वाले अपराधी पुलिस की नजरों से बच नहीं सकते। फिलहाल आरोपी को संबंधित अदालत में पेश किया जा रहा है और मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। द्वारका जिला पुलिस ने कहा है कि भगोड़ों और सक्रिय अपराधियों के खिलाफ इस तरह की धरपकड़ आगे भी जारी रहेगी।

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