क्राइम ब्रांच ने मंडोली जेल के पास पकड़ा अवैध शराब का जखीरा; 353 पेटियां जब्त, हरियाणा से दिल्ली हो रही थी तस्करी

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ईस्टर्न रेंज-I) ने अंतरराज्यीय शराब तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शराब के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मंडोली जेल के पास घेराबंदी कर एक टाटा टेम्पो ट्रक को रोका, जिसमें हरियाणा से दिल्ली लाई जा रही 353 पेटी (कुल 17,650 क्वार्टर) अवैध देशी शराब बरामद की गई। इस मामले में पुलिस ने 51 वर्षीय मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है, जो लकड़ी के कारोबार की आड़ में शराब तस्करी का धंधा चला रहा था।

डीसीपी (क्राइम ब्रांच) विक्रम सिंह ने बताया कि ईस्टर्न रेंज-I की टीम को दिल्ली में अवैध शराब की बड़ी खेप की आपूर्ति के संबंध में पुख्ता जानकारी मिली थी। सूचना के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने वजीराबाद रोड पर मंडोली जेल के पास रणनीतिक घेराबंदी की। दोपहर करीब 12:30 बजे, टाटा 909 टेम्पो ट्रक को आते देख पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया। तलाशी लेने पर वाहन के भीतर से देशी शराब की सैकड़ों पेटियां बरामद हुईं, जिन पर “केवल हरियाणा में बिक्री के लिए” लिखा था।

पुलिस ने ट्रक के साथ चालक अस्लम खान (51), निवासी गोकुलपुरी को हिरासत में लिया। ट्रक से बरामद 353 पेटियों में ‘स्पाइस्ड कंट्री स्पिरिट’, ‘फाल्कन’ और ‘नाइट ब्लू मेट्रो लिकर’ जैसे विभिन्न ब्रांडों के 180 मिलीलीटर के क्वार्टर भरे हुए थे। प्रत्येक पेटी में 50 बोतलें थीं, जिन्हें दिल्ली में ऊंचे दामों पर अवैध रूप से बेचने की योजना थी। पुलिस ने बरामद शराब और तस्करी में प्रयुक्त ट्रक को जब्त कर लिया है और आरोपी के खिलाफ दिल्ली आबकारी अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है।

पूछताछ के दौरान आरोपी अस्लम खान ने बताया कि वह आठवीं कक्षा तक पढ़ा है और फर्नीचर व लकड़ी की आपूर्ति का काम करता है। करीब दो साल पहले उसे पता चला कि हरियाणा से सस्ती शराब लाकर दिल्ली में बेचने पर मोटा मुनाफा मिलता है। इस लालच में वह अपने भाई इकरम के साथ मिलकर इस काले धंधे में उतर गया। उसने खुलासा किया कि वह सिंघु बॉर्डर के पास एक एल-1 शराब गोदाम से ‘विकास’ नाम के व्यक्ति के जरिए यह माल मंगवाता था। वारदात वाले दिन भी वह अपने भाई के साथ खेप लेकर दिल्ली के विभिन्न इलाकों में सप्लाई करने निकला था।

क्राइम ब्रांच अब इस रैकेट के अन्य सदस्यों, जैसे आरोपी के भाई इकरम और मुख्य सप्लायर विकास की तलाश में जुटी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि दिल्ली में इस अवैध शराब के खरीदार कौन थे और यह सिंडिकेट कब से सक्रिय है। डीसीपी विक्रम सिंह ने कहा कि अवैध शराब की तस्करी से न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि यह सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए भी घातक हो सकती है। इस दिशा में पुलिस की छापेमारी अभी जारी है और जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।

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