दिल्ली क्राइम ब्रांच ने पकड़ा एक्सपायर्ड उत्पादों को नया बनाकर बेचने वाला गिरोह; जगतपुर के गोदाम से भारी मात्रा में माल बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ईस्टर्न रेंज-I) ने सार्वजनिक स्वास्थ्य और उपभोक्ता सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसे खतरनाक रैकेट का पर्दाफाश किया है, जो एक्सपायर्ड खाद्य पदार्थों और सौंदर्य प्रसाधनों पर फर्जी तारीखें छापकर उन्हें खुले बाजार में फ्रेश स्टॉक के रूप में बेच रहा था। पुलिस ने जगतपुर इलाके में छापेमारी कर भारी मात्रा में दैनिक उपयोग की वस्तुओं का स्टॉक जब्त किया है और इस काले धंधे के मास्टरमाइंड को गिरफ्तार कर लिया है।

डीसीपी (क्राइम-II) विक्रम सिंह ने बताया कि क्राइम ब्रांच को जगतपुर के पुश्ता रोड स्थित एक गोदाम में अवैध रूप से एक्सपायर्ड सामान को दोबारा तैयार करने की सूचना मिली थी। एसीपी सुनील श्रीवास्तव के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर आशीष शर्मा के नेतृत्व में गठित एसआइ प्रकाश, गुमान सिंह और एएसआइ संदीप चावला की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से गली नंबर 9B में स्थित गोदाम पर छापा मारा। वहां गाजियाबाद निवासी 40 वर्षीय ओमप्रकाश शर्मा को रंगे हाथ पकड़ा गया, जो एक्सपायर्ड उत्पादों की मूल तिथि को रसायनों से मिटाकर उन पर नई मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट छाप रहा था।

पुलिस की इस छापेमारी में भारी मात्रा में ऐसे उत्पाद बरामद हुए हैं जिनका सीधा असर मानव स्वास्थ्य पर पड़ता है। बरामद किए गए सामानों में नेस्ले शुगर फ्री, ग्लूकोन-डी, डाबर गुलाबरी बॉडी लोशन, विक्स वेपोरब, डाबर लाल तेल, ओडोमोस, जैतून का तेल, डाबर च्यवनप्राश और सैवलॉन एंटीसेप्टिक जैसे नामी ब्रांड शामिल हैं। पुलिस ने मौके से प्रिंटिंग फ्रेम, लेबलिंग सामग्री और एक्सपायरी डेट मिटाने वाले रसायन भी जब्त किए हैं। यह गिरोह इन खतरनाक उत्पादों को फिर से पैक कर बाजार में आम ग्राहकों को बेचकर मोटा मुनाफा कमा रहा था।

पुलिस के अनुसार, इस तरह के उत्पादों का उपयोग, विशेष रूप से एंटीसेप्टिक और पोषण संबंधी सप्लीमेंट, मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकते हैं। क्राइम ब्रांच ने आरोपी ओमप्रकाश शर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और ट्रेड मार्क्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि यह एक संगठित वाणिज्यिक अभियान था जो बड़े पैमाने पर बाजार में खराब माल खपाने की क्षमता रखता था।

क्राइम ब्रांच अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी को यह एक्सपायर्ड स्टॉक कहां से प्राप्त होता था और वह इसे किन थोक विक्रेताओं या खुदरा दुकानदारों को सप्लाई करता था। पुलिस इस पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन का खुलासा करने के लिए छापेमारी कर रही है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई से दिल्ली और आसपास के इलाकों में हजारों उपभोक्ताओं को संभावित स्वास्थ्य खतरों से बचाया गया है।

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