बैंक अधिकारी बनकर KYC के बहाने लगाया 6 लाख का चूना, साइबर सेल ने आरोपी के पास से मोबाइल और दस्तावेज किए बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के उत्तर-पूर्वी जिले की साइबर थाना पुलिस ने बैंक अधिकारी बनकर लोगों के खातों में सेंध लगाने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय ठग को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को झारखंड के धनबाद से दबोचा है। पकड़ा गया आरोपी बैंक कर्मचारी बनकर ग्राहकों को केवाईसी अपडेट करने के झांसे में लेता था और उनके दस्तावेजों का उपयोग कर लाखों रुपये का इंस्टेंट लोन हड़प लेता था। आरोपी की पहचान बिमल रविदास (30) निवासी धनबाद, झारखंड के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, 11 फरवरी को ब्रिज पुरी निवासी गोविंद सिंह (53) ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर उनसे संपर्क किया। केवाईसी औपचारिकताएं पूरी करने के बहाने ठग ने चालाकी से उनके बैंक खाते की गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित के नाम पर बैंक से 5,99,996 रुपये का इंस्टेंट लोन मंजूर करवा लिया और राशि अपने खातों में ट्रांसफर कर ली। साइबर थाने में E-FIR दर्ज कर जांच शुरू की गई।

SHO राहुल कुमार के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम, जिसमें एसआई तलविंदर सिंह और हेड कांस्टेबल अंकित व नितिन शामिल थे, ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंक ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपी का लोकेशन झारखंड में ट्रेस किया। पुलिस टीम ने धनबाद के पीठाक्यारी गांव में छापेमारी कर बिमल रविदास को धर दबोचा। उसके कब्जे से ठगी के 9,500 रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और कई संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए हैं।

पूछताछ के दौरान बिमल ने स्वीकार किया कि वह लंबे समय से इस तरह की वारदातों को अंजाम दे रहा है। जांच में खुलासा हुआ कि वह दिल्ली के पूर्वी और पश्चिमी जिले के अलावा धनबाद और पश्चिम बंगाल में दर्ज पांच अन्य साइबर ठगी के मामलों में भी शामिल रहा है। पुलिस अब उन बैंक खातों की जांच कर रही है जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई थी। इस गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने आम जनता को आगाह किया है कि वे फोन पर किसी भी अनजान व्यक्ति को अपनी बैंक डिटेल या ओटीपी साझा न करें।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More