अभाविप की पहल पर लद्दाख के छात्रों ने जाना दिल्ली विधानसभा का इतिहास, डीयू में देखा ‘लघु भारत’

नई दिल्ली: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के ‘स्टूडेंट एक्सपीरियंस इन रीजनल अंडरस्टैंडिंग’ प्रकल्प के तहत लद्दाख से आए 30 सदस्यीय छात्र दल का गुरुवार को देश की राजधानी में भव्य स्वागत किया गया। 19 छात्रों और 11 छात्राओं वाले इस प्रतिनिधिमंडल ने दिल्ली आगमन के साथ ही अपनी सांस्कृतिक और शैक्षणिक यात्रा का शुभारंभ किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य लद्दाख के युवाओं को भारत की विविध लोक-परंपराओं, सामाजिक संरचना और प्रशासनिक व्यवस्था से रूबरू कराना है।

इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जोरदार स्वागत के बाद लद्दाख के प्रतिनिधियों को दिल्ली विधानसभा के भ्रमण पर ले जाया गया। यहाँ विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने छात्रों के साथ सीधा संवाद किया और उन्हें दिल्ली विधानसभा के गौरवशाली इतिहास और लोकतांत्रिक प्रक्रिया से अवगत कराया। इस अवसर पर गुप्ता ने कहा कि अभाविप की यह ‘SERU’ यात्रा राष्ट्रीय एकात्मता की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है, जो दूर-दराज के क्षेत्रों के युवाओं को मुख्यधारा की संस्कृति और व्यवस्था से जोड़ती है।

विधानसभा के बाद यह दल दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ कार्यालय पहुँचा, जहाँ अभाविप नीत डूसू प्रतिनिधियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। छात्रों को विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराया गया। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने उन्हें बताया कि किस प्रकार दिल्ली विश्वविद्यालय एक ‘लघु भारत’ का रूप है, जहाँ देश के हर कोने से आए छात्र एक साथ शिक्षा ग्रहण करते हैं। गौरतलब है कि वर्ष 1991 से शुरू हुई इस यात्रा के तहत लद्दाख के छात्र विभिन्न राज्यों में स्थानीय परिवारों के साथ ठहरते हैं, जिससे उन्हें भारतीय जीवनशैली को करीब से समझने का अवसर मिलता है।

अभाविप दिल्ली के प्रदेश मंत्री सार्थक शर्मा ने इस पहल पर जोर देते हुए कहा कि ‘SERU’ प्रकल्प केवल एक शैक्षणिक भ्रमण नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के बीच आपसी संवाद और सहयोग बढ़ाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि लद्दाख के छात्र जब विभिन्न राज्यों की लोक-परंपराओं और सामाजिक ताने-बाने को देखेंगे, तो उनके दृष्टिकोण का विस्तार होगा और राष्ट्रीय एकता की भावना सुदृढ़ होगी। अभाविप का लक्ष्य छात्रों में राष्ट्र और समाज की समग्र समझ विकसित करना है।

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