बाहरी दिल्ली एसटीएफ ने नशा तस्करों के नेटवर्क को किया ध्वस्त; 2 करोड़ की स्मैक बरामद, दो आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के बाहरी जिला की स्पेशल टास्क फोर्स ने नशा मुक्त भारत अभियान के तहत एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 299 ग्राम स्मैक बरामद की है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 2 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस की इस मुस्तैदी ने न केवल नशे की एक बड़ी खेप को बाजार में जाने से रोका, बल्कि पूरी सप्लाई चेन की कड़ियों को भी बेनकाब किया है।

बाहरी जिले के डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि जिले में नशीले पदार्थों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। इसी क्रम में एसटीएफ के हेड कांस्टेबल दिनेश को एक गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में स्मैक की बड़ी डिलीवरी होने वाली है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसीपी ऑपरेशंस जय प्रकाश के मार्गदर्शन और एसटीएफ प्रभारी इंस्पेक्टर राजपाल के नेतृत्व में एसआई विनीत प्रताप सिंह, हेड कांस्टेबल दिनेश और कांस्टेबल आर्यदीप व मनदीप की एक ‘रेडिंग टीम’ गठित की गई।

टीम ने राज पार्क थाना क्षेत्र में घेराबंदी कर सबसे पहले संदिग्ध मानव (24), निवासी बुद्ध विहार को दबोचा। तलाशी के दौरान उसके पास से 268 ग्राम स्मैक बरामद हुई। मोबाइल एफएसएल टीम ने मौके पर पहुँचकर पदार्थ की पुष्टि की, जिसके बाद आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। कोर्ट से दो दिनों की पुलिस रिमांड हासिल करने के बाद, आरोपी मानव ने अपने मुख्य सप्लायर का नाम उगला।

मानव से मिली जानकारी के आधार पर एसटीएफ ने 22 फरवरी को संगम विहार इलाके में छापेमारी की और मुख्य सप्लायर हरीश चंदर (24) को भी गिरफ्तार कर लिया। हरीश के पास से अतिरिक्त 31 ग्राम स्मैक बरामद की गई। जांच में सामने आया है कि आरोपी मानव पहले भी ड्रग्स तस्करी के मामले में शामिल रहा है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया है और अब यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस नेटवर्क के तार और कहाँ-कहाँ जुड़े हैं। डीसीपी सचिन शर्मा ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों की सुरक्षा और नशामुक्त समाज के लिए पुलिस का यह अभियान और तेज किया जाएगा।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More