न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी में ‘स्पेशल 26’ जैसी वारदात; मेड ने साथियों संग मिलकर डाली फर्जी ईडी रेड, पुलिस ने दो महिलाओं को दबोचा

नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी एक चौंकाने वाली वारदात सामने आई है, जहाँ एक घरेलू सहायिका ने ही अपने मालिक के घर पर फर्जी ईडी रेड की साजिश रच डाली। दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर इस ‘ब्लाइंड रॉबरी’ का खुलासा कर मुख्य सूत्रधार मेड और उसकी ननद को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके पास से डिप्टी कमांडेंट की वर्दी, फर्जी आईडी कार्ड, एक पिस्तौल और चोरी की गई कीमती घड़ियाँ बरामद की हैं।

दक्षिण-पूर्वी जिले के एडिशनल डीसीपी ऐश्वर्या शर्मा ने बताया कि 11 फरवरी को एनएफसी स्थित एक निवास में पुलिस की वर्दी पहने तीन लोग जबरन घुस आए और खुद को प्रवर्तन निदेशालय का अधिकारी बताया। आरोपियों ने परिवार को डरा-धमकाकर बंधक बना लिया और उनके मोबाइल छीन लिए। गिरफ्तारी का डर दिखाकर आरोपियों ने टेबल पर रखे लगभग ₹12 लाख रुपयों में से ₹4 लाख नकद लूटे और फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी रवि शंकर के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी राजेंद्र कुमार जैन के नेतृत्व में महिला एसआई प्रियंका, नवीन यादव और हवलदार खेम चंद व अन्य की एक विशेष टीम गठित की गई।

जांच टीम ने इलाके के लगभग 350 सीसीटीवी कैमरों का विश्लेषण किया और संदिग्ध कार का पीछा करते हुए गाजियाबाद के वैशाली तक पहुँची। तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने 25 फरवरी को दो महिलाओं, रेखा देवी (40) और उसकी ननद पूजा राजपूत (45) को गिरफ्तार कर लिया। रेखा देवी शिकायतकर्ता के घर में ही मेड का काम करती थी और उसे पता था कि मालिक बुजुर्ग हैं और घर में पैसा मौजूद है।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि पूजा का पति प्रकाश कुमार आईटीबीपी में कांस्टेबल है। इस पूरी साजिश में रेखा, पूजा, प्रकाश, उसका बेटा मनीष और देवर उपदेश शामिल थे। पूजा के घर से आईटीबीपी के डिप्टी कमांडेंट की वर्दी, फर्जी पहचान पत्र, वायरलेस सेट बॉक्स, एक पुरानी पिस्तौल और लूट की 7 कीमती घड़ियाँ बरामद हुई हैं। आरोपियों ने सोचा था कि फर्जी रेड के जरिए पैसा हड़पना सबसे आसान तरीका होगा।

एडिशनल डीसीपी ने बताया कि फिलहाल रेखा और पूजा पुलिस की गिरफ्त में हैं, जबकि फरार आरोपी प्रकाश, मनीष और उपदेश की तलाश में छापेमारी जारी है। इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुँचाया, बल्कि दिल्ली पुलिस की सतर्कता और पेशेवर जांच की मिसाल भी पेश की है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More