पुल प्रहलादपुर में दो गुटों के झगड़े के बाद पुलिस स्टेशन लाए गए बुजुर्ग ने तोड़ा दम, FIR दर्ज

नई दिल्ली: दिल्ली के पुल प्रहलादपुर थाने में सोमवार को एक हृदय विदारक घटना सामने आई। संपत्ति विवाद को लेकर अपने भाई और भतीजों के साथ हुए झगड़े के बाद थाने लाए गए 62 वर्षीय बुजुर्ग शमशेर सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, थाने के भीतर अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी, जिसके बाद उन्हें एम्स ट्रामा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के बेटे राहुल की शिकायत पर पुलिस ने अर्जुन सिंह (मृतक के भाई) और अन्य के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

दक्षिण पूर्व जिले के डीसीपी हेमंत तिवारी ने बताया कि घटना की शुरुआत सोमवार दोपहर करीब 2:57 बजे हुई, जब मित्तल कॉलोनी स्थित मकान में दो सगे भाइयों, शमशेर सिंह और अर्जुन सिंह के परिवारों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संपत्ति विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पुलिस को इस झगड़े के संबंध में पांच पीसीआर कॉल प्राप्त हुई थीं। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को अलग किया और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्हें अलग-अलग वाहनों में बैठाकर थाने ले आई।

शमशेर सिंह दोपहर करीब 3:30 बजे थाने पहुंचे। बताया जा रहा है कि वहां वह अपने भाई और भतीजों पर चिल्लाते हुए काफी उत्तेजित हो गए। करीब 3:40 बजे उन्हें बेचैनी महसूस हुई और वह जमीन पर लेट गए। पुलिस ने तत्काल पीसीआर वैन के जरिए उन्हें एम्स ट्रामा सेंटर पहुंचाया। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए सीपीआर सहित आपातकालीन उपचार दिया, लेकिन शाम 4:30 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मेडिकल रिकॉर्ड के अनुसार, शमशेर सिंह पहले से ही हृदय रोग और उच्च रक्तचाप से पीड़ित थे और उनकी एक मुख्य धमनी में 100 प्रतिशत ब्लॉकेज था।

चूंकि मौत पुलिस की मौजूदगी में हुई है, इसलिए दिल्ली पुलिस ने निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करते हुए इस मामले की सूचना उप-मंडल मजिस्ट्रेट, न्यायिक मजिस्ट्रेट और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को दे दी है। एसडीएम की देखरेख में इनक्वेस्ट कार्यवाही की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सटीक कारणों का खुलासा होगा। फिलहाल इलाके में शांति है और पुलिस मामले के हर कानूनी पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

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