युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी पर भड़का IYC, पुलिस पर लगाया तानाशाही का आरोप

नई दिल्ली: भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के बाद राजधानी में राजनीतिक पारा चढ़ गया है। युवा कांग्रेस ने इस गिरफ्तारी को ‘मनमाना’ और ‘दबाव की राजनीति’ करार देते हुए दिल्ली पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। आईवाईसी मीडिया विभाग द्वारा जारी एक बयान में कहा गया कि उदय भानु चिब जांच में पूरा सहयोग कर रहे थे, इसके बावजूद उनकी गिरफ्तारी केवल भय पैदा करने के उद्देश्य से की गई है। संगठन ने आरोप लगाया कि पुलिस कानून की प्रक्रिया का पालन करने के बजाय उसे एक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रही है।

आईवाईसी लीगल डिपार्टमेंट ने दावा किया कि हिमाचल सदन में जब एक विधिक बैठक चल रही थी, तब लगभग 30-35 पुलिसकर्मी बिना किसी वारंट और बिना महिला पुलिस अधिकारी के परिसर में घुस आए। संगठन के अनुसार, यह वकीलों और पदाधिकारियों के संवैधानिक अधिकारों का सीधा उल्लंघन है। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से युवाओं को हिरासत में लेने और उनके परिजनों को घंटों तक थानों में बिना जानकारी के बैठाए रखने पर भी गहरा रोष व्यक्त किया गया है। आईवाईसी मुख्यालय के आसपास 300 से अधिक जवानों की तैनाती को संगठन ने लोकतांत्रिक विरोध को कुचलने का प्रयास बताया है।

आईवाईसी लीगल सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट रूपेश सिंह भदौरिया ने कहा कि यह जांच नहीं बल्कि प्रक्रिया का सुनियोजित दुरुपयोग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि धारा 41A के नोटिस गिरफ्तारी के बाद देना और विधिक बैठकों में बिना वारंट घुसना कानून के शासन के खिलाफ है। वहीं, राष्ट्रीय महासचिव शेष नारायण ओझा ने कहा कि यदि युवाओं की आवाज़ उठाना अपराध है, तो वे इसका सामना करने को तैयार हैं। भारतीय युवा कांग्रेस ने उदय भानु चिब की तत्काल रिहाई, हिमाचल सदन प्रकरण की स्वतंत्र जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने संकल्प लिया है कि वे संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।

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