क्राइम ब्रांच ने पीड़ितों को सौंपे उनके 100 मोबाइल फोन; दिल्ली पुलिस का जताया आभार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (वेस्टर्न रेंज, एजीएस और सेंट्रल रेंज) ने नागरिक-केंद्रित पुलिसिंग की एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। क्राइम ब्रांच की टीम ने तकनीकी ट्रैकिंग और निरंतर जमीनी प्रयासों के माध्यम से चोरी और गुम हुए 100 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन सभी फोन को एक विशेष वितरण कार्यक्रम के दौरान उनके वास्तविक मालिकों को वापस कर दिया गया, जिससे न केवल शिकायतकर्ताओं को बड़ी राहत मिली है, बल्कि पुलिस मशीनरी में जनता का विश्वास भी मजबूत हुआ है।

एडिशनल पुलिस कमिश्नर (क्राइम ब्रांच) मंगेश कश्यप के नेतृत्व में यह सफल ऑपरेशन डीसीपी विक्रम सिंह और डीसीपी हर्ष इंदोरा के समग्र पर्यवेक्षण में चलाया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम के समन्वित और निरंतर प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मोबाइल फोन की बरामदगी तकनीकी सर्विलांस और व्यवस्थित फॉलो-अप का परिणाम है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की खोई हुई संपत्ति को सुरक्षित रूप से उन तक पहुँचाना था।

इस ऑपरेशन को एसीपी राज कुमार, भगवती प्रसाद और राजपाल डबास की देखरेख में इंस्पेक्टर वीर सिंह, विनय भारद्वाज, सुनील कुंडू और पवन कुमार की टीमों ने प्रभावी ढंग से अंजाम दिया। टीम में हेड कांस्टेबल मनीष कुमार, अंकुर कुमार और महिला कांस्टेबल अलका व पूजा का विशेष योगदान रहा। दूसरी ओर, इंस्पेक्टर अनिल मलिक, सतीश मलिक और कश्मीरी लाल की टीम, जिसमें डब्लू/एएसआई नरिंदर कौर, प्रियंका, रूबी, काजल और वर्षा शामिल थीं, ने भी तकनीकी विश्लेषण के जरिए मालिकों की पहचान सुनिश्चित की।

कार्यक्रम के दौरान अपना खोया हुआ फोन वापस पाकर कई मालिक भावुक हो उठे और दिल्ली पुलिस का आभार व्यक्त किया। पीड़ितों ने बताया कि फोन के साथ-साथ उनका कीमती डेटा भी वापस मिल गया है, जिसकी उन्होंने उम्मीद छोड़ दी थी। दिल्ली पुलिस ने अंत में जनता को सलाह दी है कि वे मोबाइल चोरी या गुम होने की स्थिति में तुरंत दिल्ली पुलिस की ऑनलाइन सेवाओं और CEIR पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराएं, ताकि उपकरणों की ट्रैकिंग और रिकवरी तेजी से की जा सके।

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