एक्शन में स्थायी समिति: बजट योजनाओं को जमीन पर उतारने के निर्देश, लापरवाही बरतने वाले अफसरों पर गिरेगी गाज

नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम की स्थायी समिति की सोमवार को आयोजित अहम बैठक में नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों को लेकर कई बड़े फैसले लिए गए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्थायी समिति की अध्यक्ष श्रीमती सत्या शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में घोषित सभी जनहितकारी योजनाओं का लाभ दिल्लीवासियों को समय-सीमा के भीतर मिलना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जिन योजनाओं के लिए टेंडर प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं है, उन्हें बिना किसी देरी के तत्काल शुरू किया जाए। अनुपालन में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।

स्थायी समिति की इस बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बड़ी राहत का मार्ग प्रशस्त हुआ। बजट घोषणा के अनुरूप, 200 वर्ग मीटर तक के ग्रामीण आवासीय प्लॉटों को संपत्ति कर से मुक्त करने के प्रावधान पर मुहर लगाई गई। इसके अलावा, सफाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ‘एक सड़क-एक दिन’ सफाई योजना और साप्ताहिक बाजारों से वार्षिक लाइसेंस शुल्क व्यवस्था को भी प्राथमिकता देने का निर्देश दिया गया। पार्कों के रखरखाव के लिए ‘त्रिवेणी वृक्षारोपण’ और ‘हर्बल पार्क’ के निर्माण के साथ-साथ स्कूली बच्चों की नियमित स्वास्थ्य जांच और योग प्रशिक्षण जैसे मानवीय पहलुओं पर भी गंभीर चर्चा की गई।

आवारा पशुओं, विशेषकर आवारा गायों की बढ़ती समस्या पर चिंता व्यक्त करते हुए अध्यक्ष ने कहा कि निगम इस मामले में दिल्ली सरकार से वार्ता करेगा ताकि गौशालाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा सके। वहीं, शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी ज़ोन के निगम विद्यालयों की विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। इसमें यह स्पष्ट करना होगा कि कितने स्कूल वर्तमान में संचालित हैं और कितनों का विलय किया गया है। निगम अस्पतालों में पार्षदों और कर्मचारियों के लिए अलग चिकित्सा विंडो शुरू करने का भी प्रस्ताव पारित किया गया। सत्या शर्मा ने दोहराया कि निगम प्रशासन दिल्ली को स्वच्छ, सुंदर और प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More