फरीदाबाद पुलिस का साइबर स्ट्राइक: सिंगापुर में नौकरी, टेलीग्राम टास्क और क्रिप्टो के नाम पर ठगी करने वाले 4 गिरफ्तार

फरीदाबाद : फरीदाबाद जिला पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ अपने अभियान को और तेज करते हुए बड़ी कामयाबी हासिल की है। साइबर थाना सेंट्रल और एनआईटी की टीमों ने तीन अलग-अलग बड़ी कार्रवाइयों में सिंगापुर में नौकरी दिलाने, टेलीग्राम टास्क और क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात से कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनसे पूछताछ के लिए उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है।

सिंगापुर में नौकरी का झांसा देकर लाखों की चपत

साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने बरेली (उत्तर प्रदेश) निवासी तुषार (24) को गिरफ्तार किया है। आरोपी एमबीए पास है और उसने अपने साथी के साथ मिलकर बरेली में एक किराए का कमरा लेकर बाकायदा ठगी का ‘कॉल सेंटर’ खोला हुआ था। पुलिस प्रवक्ता यशपाल के अनुसार, इस्माइलपुर निवासी एक व्यक्ति से सिंगापुर की आईटी कंपनी में नौकरी और वीजा के नाम पर 2,41,103 रुपये की ठगी की गई थी। आरोपी खुद ही इंटरव्यू और वेरिफिकेशन कॉल करता था। पुलिस ने इसे 4 दिन के रिमांड पर लिया है।

 टेलीग्राम टास्क और पार्ट-टाइम जॉब का मकड़जाल

दूसरे मामले में साइबर थाना एनआईटी की टीम ने उधम सिंह नगर (उत्तराखंड) से जसविंद्र पाल (28) को गिरफ्तार किया है। शिकायतकर्ता को फेसबुक के जरिए पार्ट-टाइम जॉब का लिंक भेजकर टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया था। इसके बाद ‘पेड टास्क’ के नाम पर उनसे 1 लाख रुपये की ट्रांजैक्शन कराई गई। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी जसविंद्र ने बैंक खाते उपलब्ध कराए थे। आरोपी स्नातक है और टूर एंड ट्रेवल्स का काम करता है। पुलिस इसे 3 दिन के रिमांड पर लेकर मुख्य ठगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

 क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर 23 लाख की लूट

साइबर थाना सेंट्रल ने सबसे बड़ी कार्रवाई क्रिप्टोकरेंसी निवेश के नाम पर की है। सेक्टर-76 निवासी एक व्यक्ति से टेलीग्राम और व्हाट्सएप के जरिए एक फर्जी वेबसाइट पर खाता खुलवाकर 23,92,350 रुपये की ठगी की गई। इस मामले में पुलिस ने अहमदाबाद (गुजरात) निवासी परमार मैहुल और परमार कोशिक को गिरफ्तार किया है। जांच में पाया गया कि इनके खातों में ठगी के 10 लाख रुपये आए थे। कोर्ट ने आरोपियों को 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है।

पुलिस प्रवक्ता ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही घर बैठे अधिक मुनाफे के लालच में किसी अज्ञात खाते में पैसे भेजें। यदि आप ठगी का शिकार होते हैं तो तुरंत 1930 पर कॉल करें।

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