कानपुर में फर्जी मार्कशीट रैकेट का भंडाफोड़, देश के 9 राज्यों और 14 यूनिवर्सिटी के डॉक्यूमेंट मिले, चार गिरफ्तार

राष्ट्रीय जजमेंट

कानपुर रू किदवई नगर थाना क्षेत्र फर्जी मार्कशीट बनाने वाले गैंग का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस ने गिरोह से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है. शैल ग्रुप ऑफ एजूकेशन ऑफिस में फर्जी मार्कशीट्स तैयार की जा रही थीं. आरोपियों के पास से 80 फर्जी माइग्रेशन सर्टिफिकेट भी मिले हैं. गिरोह 9 राज्यों में सक्रिय था. आरोपी देश के 14 विश्वविद्यालयों के नाम पर फर्जी मार्कशीट, डिग्री, प्रोविजनल सर्टिफिकेट और माइग्रेशन सर्टिफिकेट तैयार करते थे.

जांच में छत्रपति शाहू जी महाराज विवि समेत अन्य विवि की 900 फर्जी दस्तावेज मिले हैं. रजिस्ट्रार समेत अन्य अफसरों की फर्जी मोहरें, माइग्रेशन बुकलेट्स समेत कई अन्य फर्जी दस्तावेज भी पुलिस टीम को मिले. गिरोह यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की मार्कशीट भी हूबहू असली जैसी बनाकर बेचता था. दस्तावेजों में नकली मोहर, फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर और प्रिंटिंग तकनीक का इस्तेमाल तक किया जाता था, जिससे वे डिग्री पूरी तरह से असली लगती थी.

फर्जी डॉक्यूमेंट्स बनवाने वाले 10 लोग मिले रू पुलिस आयुक्त रघुवीर लाल ने बताया, आरोपी जिनसे सम्पर्क करते थे, उन्हें परीक्षा नहीं देने देते थे. इसके बाद वो खुद फर्जी मार्कशीट्स समेत अन्य दस्तावेज तैयार कर देते थे. ऐसे 10 लोग और मिले हैं, जिन्होंने इन आरोपियों से अपने दस्तावेज तैयार कराये. अब पुलिस ने उन्हें भी आरोपी बनाया है.
80 फर्जी माइग्रेशन सर्टिफिकेट भी मिले रू आरोपियों के पास से 80 फर्जी माइग्रेशन सर्टिफिकेट भी मिले हैं. इन सभी दस्तावेजों की जांच भी कराई जाएगी. साथ हीं आरोपियों के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा. जिन चार आरोपियों को अरेस्ट किया गया उनमें शैलेन्द्र कुमार, नागेंद्र मणि त्रिपाठी, जोगेंद्र व अश्वनी सिंह शामिल हैं.

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