शेयर मार्केट में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर 50 लाख की ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार

फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस की साइबर थाना NIT टीम ने शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपये का लाभ कमाने का लालच देकर ₹50,60,000/- की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले और मुख्य खाताधारक सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आगरा निवासी अमान हुसैन (34) और मथुरा निवासी अमन कौशल (21) के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे वाले बैंक खाते में ठगी की राशि में से ₹25 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि सेक्टर-22 फरीदाबाद के एक निवासी को साइबर ठगों ने जुलाई 2025 में “IIFL कैपिटल सर्विसेज़ लिमिटेड” नामक एक व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़ा था। ठगों ने खुद को निवेश विशेषज्ञ बताते हुए पीड़ित को “VIP सर्विस ग्रुप 710” में शामिल किया और दावा किया कि वह मात्र 2-3 महीनों में 850% तक का मुनाफा कमा सकता है। इस लुभावने झांसे में आकर पीड़ित ने अलग-अलग किस्तों में कुल 50,60,000/- रुपये निवेश कर दिए। ठगों द्वारा उपलब्ध कराए गए ऐप पर पीड़ित को उसका बैलेंस करीब 3 करोड़ रुपये दिखाई देने लगा, लेकिन जब उसने राशि निकालने की कोशिश की, तो निकासी ब्लॉक कर दी गई।

ठगों की ढिठाई यहीं नहीं रुकी, उन्होंने पीड़ित से 3 करोड़ रुपये निकालने के बदले 61 लाख रुपये अतिरिक्त कमीशन के रूप में जमा करने की मांग की। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने साइबर थाना NIT में शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान और बैंक रिकॉर्ड्स की मदद से आरोपियों का सुराग लगाया। जांच में सामने आया कि आरोपी अमान हुसैन, जो जूते बेचने का काम करता है, उसने अपना बैंक खाता बेरोजगार आरोपी अमन कौशल को उपलब्ध कराया था। इसी खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम को खपाने के लिए किया गया था।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया, जहाँ से उन्हें 6 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ के दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस गिरोह के तार और कहाँ-कहाँ जुड़े हैं और अब तक इन्होंने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। फरीदाबाद पुलिस ने आमजन से अपील की है कि अनजान व्हाट्सएप ग्रुप या ऐप के माध्यम से निवेश करने से बचें और किसी भी संदिग्ध लेनदेन की जानकारी तुरंत हेल्पलाइन पर दें।

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