ट्रैफिक पुलिसकर्मियों से वसूली करने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़, स्पाय कैमरे से वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने वाली मास्टरमाइंड सहित 3 गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (एंटी-रॉबरी एंड स्नैचिंग सेल) ने एक ऐसे शातिर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है जो ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को फर्जी और छेड़छाड़ किए गए वीडियो के जरिए ब्लैकमेल कर उनसे मोटी रकम वसूलता था। पुलिस ने इस गैंग की मुख्य सरगना पूजा उर्फ स्नेहा मलिक सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग जासूसी कैमरों का इस्तेमाल कर चालान काटने वाले पुलिसकर्मियों की रिकॉर्डिंग करता था और बाद में वीडियो को एडिट कर उन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर पैसे ऐंठता था।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि 19 जनवरी 2025 को एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि एक फर्जी और आपत्तिजनक वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर उससे ₹1,20,000/- वसूले गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी संजय कुमार नागपाल के मार्गदर्शन और इंस्पेक्टर अरुण सिंधु के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में एसआई अमित चौधरी, एएसआई गौरव त्यागी, एएसआई शशिकांत, एएसआई रविंदर भाटी और हेड कांस्टेबल मनोज कुमार को शामिल किया गया। तकनीकी और मैनुअल सर्विलांस की मदद से टीम ने 10 फरवरी 2026 को हरियाणा की रहने वाली पूजा उर्फ स्नेहा मलिक, सचिन और सुल्तानपुरी निवासी आमिर चौधरी उर्फ सिकंदर को दबोच लिया।

पूछताछ में खुलासा हुआ कि पूजा मलिक इस पूरे सिंडिकेट की मास्टरमाइंड है। वह पहले रोहिणी निवासी अशोक कुमार उर्फ बबली के गैंग में काम करती थी, लेकिन दिसंबर 2025 में अशोक की मौत के बाद उसने अपना खुद का गैंग बना लिया। पूजा अपने साथियों सचिन, सुमित और ममता के साथ दिल्ली आती थी और ट्रैफिक पुलिसकर्मियों को निशाना बनाती थी। गैंग के सदस्य चालान की प्रक्रिया के दौरान छिपाए हुए स्पाय कैमरे से बातचीत रिकॉर्ड करते थे। इसके बाद उन क्लिप्स को सुमित के पास भेजा जाता था, जो वीडियो को इस तरह एडिट और मैनिपुलेट करता था जिससे पुलिसकर्मी का आचरण संदिग्ध या भ्रष्ट दिखाई दे।

वीडियो तैयार होने के बाद आमिर उर्फ सिकंदर पुलिसकर्मियों को कॉल करता था और उन्हें धमकी देता था कि अगर पैसे नहीं दिए तो वीडियो सोशल मीडिया पर डाल दिया जाएगा और उनके खिलाफ फर्जी शिकायत दर्ज कराई जाएगी। डर के मारे कई पुलिसकर्मी पैसे दे देते थे। 32 वर्षीय पूजा मलिक हरियाणा के समालखा की रहने वाली है और 12वीं तक शिक्षित है। वहीं सचिन उसका पड़ोसी और ड्राइवर है, जबकि आमिर पहले भी इसी तरह के अपराधों में शामिल रहा है। पुलिस ने इनके पास से अपराध में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किए हैं और गैंग के अन्य फरार सदस्यों की तलाश जारी है।

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