गुजरात से दिल्ली आकर बसों में हाथ साफ करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, सोने के जेवरात और नकदी बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के मध्य जिला पुलिस की डीबीजी रोड थाना टीम ने सार्वजनिक परिवहन, विशेषकर डीटीसी बसों में चोरी करने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गुजरात आधारित इस गैंग के मास्टरमाइंड सहित तीन मुख्य आरोपियों और चोरी का सोना खरीदने वाले एक जौहरी को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, पिघला हुआ सोना और 86,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। यह गैंग ‘सराउंड एंड शील्ड’ तकनीक का इस्तेमाल कर भीड़भाड़ वाली बसों में यात्रियों के बैग काटकर कीमती सामान उड़ा लेता था।

मध्य जिले के डीसीपी अनंत मित्तल ने बताया कि 5 फरवरी को शिकायतकर्ता विकास कुमार ने झंडेवालान के पास डीटीसी बस में यात्रा के दौरान अपना बैग काटकर जेवरात चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी पहाड़गंज सौरभ ए. आनंद के मार्गदर्शन और थाना प्रभारी इंस्पेक्टर रणधीर सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में एसआई हरविंदर सिंह, हेड कांस्टेबल मनीष, हेड कांस्टेबल सुनीत कुमार, कांस्टेबल रवि और कांस्टेबल सौरभ को शामिल किया गया। टीम ने डीटीसी बस और आसपास के इलाकों के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी सर्विलांस की मदद ली।

जांच के दौरान हेड कांस्टेबल सुनीत कुमार को एक महिला संदिग्ध के बारे में गुप्त सूचना मिली, जिसके बाद सीडीआर विश्लेषण और नेट ग्रिड तकनीक के जरिए आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी मंगोलपुरी इलाके में छिपे हुए हैं। 14 और 15 फरवरी की दरमियानी रात पुलिस टीम ने मंगोलपुरी में दो ठिकानों पर सुनियोजित छापेमारी की और मास्टरमाइंड देवड़िया दीपूभाई (43), अभिषेक (24) और अरुणाबेन (34) को गिरफ्तार कर लिया। ये सभी आरोपी मूल रूप से भावनगर, गुजरात के रहने वाले हैं। पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने चोरी की दो सोने की चूड़ियाँ मंगोलपुरी के ही एक जौहरी दयाल पोद्दार को बेची थीं, जिसे पुलिस ने हिरासत में लेकर 14.250 ग्राम पिघला हुआ सोना बरामद किया है।

पकड़े गए आरोपियों ने खुलासा किया कि वे विशेष रूप से चोरी की वारदातों को अंजाम देने के लिए गुजरात से दिल्ली आए थे। उनकी कार्यशैली बेहद शातिर थी; गैंग के सदस्य भीड़भाड़ वाली बस में पीड़ित को चारों तरफ से घेर लेते थे ताकि उसे कुछ दिखाई न दे और उसकी हलचल सीमित हो जाए। इसी बीच गिरोह का एक सदस्य धारदार हथियार से बैग काट देता था, जबकि अन्य सदस्य उसे ढाल बनकर कवर देते थे। वारदात के बाद आरोपी अलग-अलग बस स्टॉप पर उतरकर फरार हो जाते थे। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य साथियों की तलाश कर रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि अन्य वारदातों का पता लगाया जा सके।

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