मयूर विहार हत्या के प्रयास मामले का वांछित अपराधी गिरफ्तार, तड़ीपार होने के बावजूद दिल्ली में सक्रिय था शातिर

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एआरएससी टीम ने मयूर विहार इलाके में हुए जानलेवा हमले और फायरिंग के मामले में वांछित एक खूंखार अपराधी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपी की पहचान त्रिलोकपुरी निवासी सरफराज उर्फ फराज (28) के रूप में हुई है। आरोपी के कब्जे से एक सेमी-ऑटोमेटिक .32 बोर की पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी को आपराधिक गतिविधियों में निरंतर संलिप्तता के कारण डीसीपी ईस्ट द्वारा दिल्ली से छह महीने के लिए तड़ीपार किया गया था, लेकिन इसके बावजूद वह छिपकर दिल्ली में बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।

डीसीपी क्राइम संजीव कुमार यादव ने बताया कि यह मामला 25 जनवरी की रात त्रिलोकपुरी बस स्टैंड के पास हुई एक वारदात से जुड़ा है। विशाल नामक युवक पर 6-7 बदमाशों ने चाकू से हमला किया था। जब विशाल के मामा नितिन हस्तोरिया बचाव के लिए मौके पर पहुँचे, तो बदमाशों ने उन पर फायरिंग कर दी, जिससे उनके पैर में गोली लगी थी। इस संबंध में थाना मयूर विहार फेस-1 में हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। एसीपी पंकज अरोड़ा के पर्यवेक्षण और इंस्पेक्टर के.के. शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी।

जांच टीम ने सीसीटीवी फुटेज के विश्लेषण और तकनीकी निगरानी के जरिए गिरोह के डिजिटल फुटप्रिंट्स का पीछा किया। 9 फरवरी 2026 को एएसआई मोहम्मद तालीम और कांस्टेबल फहद अली को सटीक सूचना मिली कि आरोपी सरफराज अपने साथियों से मिलने और अगली वारदात की योजना बनाने के लिए भैरो मार्ग, रिंग रोड के पास आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने रणनीतिक जाल बिछाया और संदिग्ध सरफराज को सफलतापूर्वक काबू कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से अत्याधुनिक हथियार बरामद हुए। आरोपी ने स्वीकार किया कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था लेकिन अपराध का रास्ता नहीं छोड़ा था।

पकड़ा गया आरोपी सरफराज उर्फ फराज त्रिलोकपुरी का रहने वाला है और केवल 9वीं तक पढ़ा है। वह पेशे से ऑटो चालक है लेकिन नशे की लत और अपराधियों की संगत के कारण कम उम्र में ही अपराध की दुनिया में उतर गया था। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, लूट, झपटमारी और आर्म्स एक्ट के 10 से अधिक जघन्य मामले दर्ज हैं। 16 नवंबर 2025 को उसे दिल्ली से बाहर रहने का आदेश दिया गया था, जिसका उल्लंघन कर वह राजधानी में सक्रिय था। पुलिस फिलहाल हथियार के स्रोत और उसके अन्य सहयोगियों की तलाश के लिए आगे की जांच कर रही है।

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