क्राइम ब्रांच ने छीने हुए मोबाइल नेपाल भेजने वाले सिंडिकेट का किया पर्दाफाश, शातिर रिसीवर गिरफ्तार, 21 फोन बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (सेंट्रल रेंज) ने मोबाइल झपटमारी और चोरी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने संगठित स्नैचिंग गैंग के मुख्य रिसीवर और सप्लायर जितेंद्र उर्फ झेला (36) को गिरफ्तार किया है। आरोपी मजनू का टीला, सिविल लाइंस का रहने वाला है और उसके पास से चोरी व झपटमारी के 21 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है जिसके तार सीमा पार नेपाल तक जुड़े हुए हैं।

जांच के दौरान खुलासा हुआ कि यह कार्रवाई पहले गिरफ्तार किए गए दो स्नैचर्स, जय भगवान उर्फ काले और जितेंद्र उर्फ पहाड़ी से मिली जानकारी के आधार पर की गई है। उन दोनों के पास से पुलिस ने पहले ही 52 मोबाइल फोन बरामद किए थे। डीसीपी क्राइम विक्रम सिंह और एडिशनल डीसीपी राजबीर मलिक के करीबी पर्यवेक्षण में इंस्पेक्टर सुनील कालखंडे के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने तकनीकी विश्लेषण और जमीनी स्तर पर सूचनाएं जुटाने के बाद जाल बिछाकर जितेंद्र उर्फ झेला को सफलतापूर्वक धर दबोचा। तलाशी के दौरान उसके पास से मोबाइल फोन का बड़ा जखीरा मिला, जो वह नेपाल भेजने की फिराक में था।

पूछताछ के दौरान आरोपी ने सनसनीखेज खुलासा किया कि वह दिल्ली में सक्रिय झपटमारों से मोबाइल फोन खरीदता था और उन्हें नेपाल के पोखरा में रहने वाले एक नेपाली नागरिक को सप्लाई करता था। बरामद 21 फोनों में से 5 को पुलिस ने पहले ही दर्ज एफआईआर से लिंक कर लिया है, जबकि बाकी फोनों की जांच जारी है। आरोपी ने स्वीकार किया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पार होने के बाद इन फोनों को ट्रैक करना लगभग नामुमकिन हो जाता था, जिसका फायदा उठाकर वह मोटी रकम कमा रहा था।

पकड़ा गया आरोपी जितेंद्र उर्फ झेला एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से लूट, चोरी और जुआ अधिनियम के 5 आपराधिक मामले दर्ज हैं। क्राइम ब्रांच की टीम अब इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों और नेपाल स्थित रिसीवर की पहचान करने में जुटी है। पुलिस द्वारा संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है ताकि इस संगठित अपराध तंत्र को पूरी तरह से ध्वस्त किया जा सके।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More