नकली दवाओं की दूसरी फैक्ट्री का भंडाफोड़: ANTF ने मास्टर कोऑर्डिनेटर को दबोचा, भारी मात्रा में नकली दवाएं और मशीनरी जब्त

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने संगठित नार्कोटिक्स तस्करी के खिलाफ अपनी मुहिम को तेज करते हुए नकली दवाएं और इंजेक्शन बनाने वाली एक और बड़ी फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। डीसीपी/ANTF संजीव कुमार यादव के मार्गदर्शन और एसीपी सत्येंद्र मोहन के पर्यवेक्षण में इंस्पेक्टर नितेश कुमार की टीम ने बिहार के गया में इस सफल ऑपरेशन को अंजाम दिया। यह बड़ी कामयाबी पटना में पकड़ी गई नकली दवा फैक्ट्री के खुलासे के कुछ ही दिनों बाद मिली है, जिससे एक गहरे और संरचित आपराधिक नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ है जो जनता की सेहत के साथ बड़े पैमाने पर खिलवाड़ कर रहा था।

जांच के दौरान तकनीकी और मानवीय इनपुट से पता चला कि पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया गया आरोपी तनिष्क, गया (बिहार) निवासी अरुण के साथ मिलकर नकली दवाओं का काला कारोबार चला रहा था। सूचना मिलते ही एसआई विकासदीप के नेतृत्व में एएसआई सांवर मल, हेड कांस्टेबल अमित और गुलशान की टीम को तुरंत गया रवाना किया गया। पुलिस टीम ने पूरी मुस्तैदी के साथ जांच करते हुए मुख्य आरोपी अरुण को दबोच लिया। आरोपी अरुण गया में बिना किसी लाइसेंस और अनिवार्य केमिस्ट के अवैध रूप से फैक्ट्री संचालित कर रहा था। गया के ड्रग विभाग की मौजूदगी में की गई छापेमारी के दौरान मौके से भारी मात्रा में उपकरण और नकली दवाएं बरामद हुई हैं।

पुलिस ने 1,19,800 जिंक की नकली टैबलेट, 42,480 एजिथ्रोमाइसिन की नकली टैबलेट, 27 किलो पैरासिटामोल, 444 डिलोना एक्वा के नकली एम्पुल्स और बड़े पैमाने पर दवा बनाने वाली भारी मशीनें जब्त की हैं। जांच में खुलासा हुआ कि यह नेटवर्क नकली ओपिओइड्स और दवाओं को फर्जी मेडिकल फ्रंट्स के जरिए बाजार में सप्लाई करता था। आरोपी अरुण अंतरराष्ट्रीय बाजार में 5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के 5 किलो ट्रामाडोल पाउडर को प्रोसेस कर टैबलेट बनाता था, जिनका उपयोग हेरोइन के विकल्प के तौर पर किया जाता था।

59 वर्षीय आरोपी अरुण मूल रूप से गया का रहने वाला है और वह कम समय में मोटी रकम कमाने के चक्कर में इस अवैध धंधे में उतरा था। वह कच्चे माल को प्रोसेस कर ओपिओइड्स तैयार करता था और उसे अवैध बाजारों के माध्यम से दूसरे राज्यों में खपाता था। इस पूरे अभियान के दौरान पुलिस टीम ने विभिन्न राज्यों में हजारों किलोमीटर का सफर तय किया और अब तक इस सिंडिकेट के 9 सदस्यों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नार्कोटिक्स तस्करी और नकली दवाओं के इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए आगे की कार्रवाई जारी है।

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