50 लाख की रंगदारी और फायरिंग मामले में 2 साल से फरार गोगी गैंग का सहयोगी गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के इंटर स्टेट सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए गोगी गैंग से जुड़े एक शातिर और वांछित अपराधी अंकुश चोपड़ा उर्फ सचिन को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी साल 2023 में वजीराबाद इलाके के एक कारोबारी के घर पर फायरिंग करने और 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में पिछले 2 साल से फरार चल रहा था। कोर्ट ने उसे उद्घोषित अपराधी घोषित किया था।

30 नवंबर 2023 को वजीराबाद इलाके में रहने वाले एक कारोबारी के घर पर मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने फायरिंग की थी। हमलावरों ने मौके पर ‘गोगी गैंग’ के नाम से 50 लाख रुपये की रंगदारी की मांग वाली एक पर्ची भी छोड़ी थी। इस मामले में वजीराबाद थाने में हत्या के प्रयास और रंगदारी की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने पहले ही दो किशोरों सहित 6 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन अंकुश चोपड़ा पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।

क्राइम ब्रांच की जांच में खुलासा हुआ कि इस पूरी वारदात की साजिश तिहाड़ जेल में बंद अपराधी मनीष उर्फ सनी काकरान और मनमोहन उर्फ गौरव ने रची थी। जेल में बंद इन अपराधियों ने शूटरों से संपर्क करने के लिए जिस सिम कार्ड का इस्तेमाल किया था, वह अंकुश चोपड़ा के नाम पर पंजीकृत था। अंकुश ने ही सिम कार्ड उपलब्ध कराकर उसे जेल के भीतर पहुंचाया था।

डीसीपी क्राइम ब्रांच आदित्य गौतम के निर्देशन और एसीपी रमेश चंद्र लांबा के पर्यवेक्षण में इंस्पेक्टर सत्येंद्र पुनिया और सोहन लाल की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। तकनीकी सर्विलांस और खुफिया जानकारी के आधार पर पुलिस ने मौजपुर के शास्त्री मार्ग पर छापेमारी कर अंकुश को गिरफ्तार कर लिया।

25 वर्षीय अंकुश चोपड़ा मौजपुर का रहने वाला है और केवल 8वीं कक्षा तक पढ़ा है। वह एक शातिर अपराधी है और पहले भी जाफराबाद थाने में दर्ज हत्या के प्रयास और रंगदारी के गंभीर मामलों में शामिल रहा है। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह के अन्य नेटवर्क और जेल से चल रहे अवैध संचार माध्यमों का पूरी तरह पर्दाफाश किया जा सके।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More