दिल्ली नगर निगम ने पारित किया 17,583 करोड़ का बजट, महापौर ने बताया विकास का रोडमैप

नई दिल्ली: दिल्ली नगर निगम की विशेष बैठक में शुक्रवार को वर्ष 2026-27 के लिए 17,583 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा और ऐतिहासिक बजट सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। महापौर सरदार राजा इकबाल सिंह ने इसे दिल्ली के इतिहास का मील का पत्थर बताते हुए कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि नागरिक सुविधाओं, प्राथमिक शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रभावी कदम है। महापौर ने जनहितैषी बजट प्रस्तुत करने के लिए नेता सदन प्रवेश वाही का आभार भी व्यक्त किया।

महापौर ने बताया कि बजट में दिल्ली के ग्रामीण क्षेत्रों का विशेष ध्यान रखा गया है। 49 पूर्णतः ग्रामीण घोषित गांवों के 500 मीटर तक के पुश्तैनी मकानों को हाउस टैक्स से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है। वहीं, शहरीकृत गांवों के मूल निवासियों को 200 मीटर तक के मकानों पर प्रॉपर्टी टैक्स नहीं देना होगा। इसके अलावा, ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों के लिए 15 प्रतिशत की टैक्स छूट को दोबारा बहाल कर दिया गया है, जो सीधे तौर पर मध्यम वर्ग को लाभ पहुंचाएगा।

सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए निगम ने हर वार्ड में 15 विधवा महिलाओं, सिंगल मदर और दिव्यांगजनों को उनकी बेटी की शादी के लिए 21,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही, आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को सिलाई मशीनें और दिव्यांगों को साइकिलें प्रदान की जाएंगी। महापौर ने स्पष्ट किया कि निगम का लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना है।

नगर निगम के विद्यालयों की दशा सुधारने के लिए बजट में भारी निवेश किया गया है। स्कूलों की मरम्मत के लिए 22 करोड़ रुपये जारी करने के साथ ही आगामी वर्ष के लिए 10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए निगम ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए ‘कैशलेस हॉस्पिटल ट्रीटमेंट’ योजना लागू कर दी है। अब कर्मचारी और पेंशनभोगी पैनल के अस्पतालों में मुफ्त इलाज करा सकेंगे।

बेरोजगार स्नातक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए नई पार्किंग नीति लाई गई है। 100 वाहनों की क्षमता वाली पार्किंग लॉटरी सिस्टम के जरिए युवाओं को आवंटित की जाएंगी। स्वच्छता के मोर्चे पर 70 मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनें और 1000 लिटर पिकर मशीनें जल्द ही दिल्ली की सड़कों पर उतरेंगी। महापौर ने विश्वास जताया कि यह बजट दिल्ली को एक वैश्विक स्तर के स्वच्छ और सशक्त शहर के रूप में स्थापित करेगा।

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