60 लाख की लूट की गुत्थी सुलझी, कर्मचारी ही निकला ‘आस्तीन का सांप’, 7 लुटेरे गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के नॉर्थ जिला पुलिस की सराय रोहिल्ला थाना टीम और स्पेशल स्टाफ ने एक संयुक्त अभियान चलाकर 60 लाख रुपये की सशस्त्र लूट के सनसनीखेज मामले को सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में कंपनी के एक कर्मचारी सहित कुल 7 खूंखार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से लूटी गई राशि में से 28,12,800 रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी और एक होंडा सिटी कार बरामद की गई है। इस गिरफ्तारी से करोल बाग इलाके में होने वाली 2 करोड़ रुपये की एक और बड़ी लूट की साजिश को भी नाकाम कर दिया गया है।

नॉर्थ जिले के डीसीपी राजा बंठिया ने बताया कि 7 जनवरी को संदीप स्वामी नामक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जब वह अपने सहयोगी शिवा के साथ रोहिणी सेक्टर-8 से 60 लाख रुपये लेकर करोल बाग स्थित ऑफिस जा रहा था, तभी सुभद्रा कॉलोनी के पास दो मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने पिस्तौल के बल पर उनसे नकदी लूट ली। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी अनिल शर्मा के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने रोहिणी से लेकर घटनास्थल तक के 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। तकनीकी जांच और कॉल रिकॉर्ड के विश्लेषण से पीड़ित के ही सहयोगी शिवा पर गहरा संदेह हुआ। कड़ी पूछताछ में शिवा टूट गया और उसने स्वीकार किया कि वह ‘आस्तीन का सांप’ बनकर अपने पड़ोसी अपराधियों को कंपनी की नकदी के प्रवाह की जानकारी दे रहा था।

शिवा की निशानदेही पर पुलिस ने राजीव, करण, हितेंद्र उर्फ पहाड़ी, सनी उर्फ कैंची, कन्नैल सिंह और नदीम को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए अपराधी बेहद शातिर और पेशेवर हैं। इनमें से कन्नैल सिंह पर 66 मुकदमे, नदीम पर 46 और राजीव पर 43 आपराधिक मामले दर्ज हैं। नदीम और हितेंद्र पर पहले मकोका के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। ये सभी अपराधी दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न थानों में घोषित अपराधी और वांटेड थे।

पूछताछ में पता चला कि ये सभी आरोपी शिवा से मिली सूचना के आधार पर करोल बाग इलाके में 2 करोड़ रुपये की एक और बड़ी लूट को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। आरोपी शिवा कंपनी के कैश फ्लो और पार्टियों की सटीक जानकारी गिरोह को दे रहा था। पुलिस की मुस्तैदी से इस गिरोह का न केवल पर्दाफाश हुआ, बल्कि एक बड़ी वारदात को समय रहते टाल दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है और गिरोह के अन्य नेटवर्क को खंगाल रही है।

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