नरेला के ‘डॉन’ पर मकोका का हंटर: गोगी गैंग का करीबी गैंगस्टर मुकेश गिरफ्तार, 29 संगीन वारदातों का काला चिट्ठा आया सामने

नई दिल्ली: बाहरी-उत्तरी दिल्ली की जिला पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ एक निर्णायक प्रहार करते हुए नरेला इलाके के सबसे कुख्यात गैंगस्टर और अपराधी सिंडिकेट के सरगना मुकेश उर्फ पुनीत को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की जघन्य आपराधिक गतिविधियों और क्षेत्र में उसकी गहरी दहशत को देखते हुए उस पर कड़ा महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) लगाया है। यह गिरफ्तारी नरेला और आसपास के क्षेत्रों में सार्वजनिक व्यवस्था बहाल करने और अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करने की दिशा में दिल्ली पुलिस की एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।

डीसीपी (बाहरी-उत्तरी जिला) हरेश्वर स्वामी ने बताया कि 34 वर्षीय मुकेश उर्फ पुनीत, जो बांकनेर गांव के कांदेरा बस्ती का निवासी है, एक खूंखार और सुव्यवस्थित अपराधी सिंडिकेट का संचालन कर रहा था। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि मुकेश का सिंडिकेट दिल्ली के कुख्यात ‘गोगी गैंग’ के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ था, जिससे वह क्षेत्र में अपना वर्चस्व कायम किए हुए था। वह अपने प्रमुख सहयोगियों प्रदीप उर्फ गुरी, विकास उर्फ विक्की, विनोद उर्फ सोनू और प्रदीप उर्फ अनिल के माध्यम से हत्या, रंगदारी और सशस्त्र डकैती जैसे संगठित अपराधों के नेटवर्क को मैनेज कर रहा था।

मुकेश उर्फ पुनीत का आपराधिक इतिहास बेहद खौफनाक और लंबा है। साल 2012 में अलीपुर थाने में लूट के एक मामले से अपराध की दुनिया में कदम रखने वाले इस गैंगस्टर ने पिछले 12 सालों में दिल्ली और हरियाणा के विभिन्न थानों में आतंक मचा रखा था। उसके खिलाफ अब तक कुल 29 संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या के 5 मामले, हत्या के प्रयास के 4 मामले और लूट, डकैती, अपहरण व आर्म्स एक्ट के दर्जनों मुकदमे शामिल हैं। विशेष रूप से नरेला, अलीपुर, कंझावला, बवाना और समयपुर बादली जैसे इलाकों में उसकी सक्रियता सबसे अधिक रही है। पुलिस ने सिंडिकेट की गतिविधियों की गहन कानूनी पड़ताल के बाद नरेला थाने में एफआईआर के तहत मकोका की धाराओं में मामला दर्ज कर उसे दबोचा है।

इस हाई-रिस्क गैंगस्टर को पकड़ने के लिए नॉर्दर्न रेंज के जॉइंट कमिश्नर विजय सिंह और डीसीपी हरेश्वर स्वामी के मार्गदर्शन में एसीपी नरेला राकेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष इंटेलिजेंस-आधारित टीम का गठन किया गया था। टीम ने तकनीकी सर्विलांस और सटीक सूचनाओं के आधार पर जाल बिछाकर मुकेश को धर दबोचा। डीसीपी ने इस कार्रवाई के बाद कड़ा संदेश देते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपना रही है। नागरिकों की सुरक्षा को चुनौती देने वाले और समाज में भय फैलाने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कानून की पूरी ताकत से कार्रवाई की जाएगी।

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