शेयर बाजार में निवेश के नाम पर 31 लाख की ठगी: क्राइम ब्रांच ने सहारनपुर से दबोचे तीन शातिर जालसाज

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने संगठित साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में एक समन्वित ऑपरेशन चलाकर निवेश धोखाधड़ी रैकेट के तीन मुख्य गुर्गों को दबोच लिया है। यह गिरोह निर्दोष लोगों को शेयर बाजार और आईपी में निवेश कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर अपनी ठगी का शिकार बनाता था। इस मामले में एक तकनीकी क्षेत्र की बहुराष्ट्रीय कंपनी के कर्मचारी से 31 लाख रुपये की बड़ी ठगी की गई थी।

डीसीपी (साइबर सेल) आदित्य गौतम ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सर्वजीत (35), पवन (33) और पुनीत (32) के रूप में हुई है, जो सभी सहारनपुर के रहने वाले हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि मुख्य आरोपी सर्वजीत ने कानून की पढ़ाई (LLB) की है। उसने अपनी सामाजिक संस्था ‘सर्वहित मानव सेवा समिति’ के नाम पर बैंक खाता खुलवाया और महज कुछ पैसों के लालच में उसे साइबर अपराधियों को सौंप दिया। वहीं, आरोपी पवन और पुनीत ने इन खातों को साइबर सिंडिकेट तक पहुँचाने में बिचौलिए की भूमिका निभाई।

पुलिस जांच में ठगी के इस गिरोह की कार्यप्रणाली का भी खुलासा हुआ है। यह सिंडिकेट एक नामी इन्वेस्टमेंट कंपनी के प्रतिनिधि बनकर लोगों से संपर्क करता था। पीड़ितों का विश्वास जीतने के लिए इन्होंने खुद की डिजाइन की हुई फर्जी इन्वेस्टमेंट वेबसाइट और पोर्टल बना रखे थे। ठगों ने गरीब और बेरोजगार युवाओं को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर बैंक खाते खुलवाए थे, जिनका उपयोग ठगी की रकम को इधर-उधर करने के लिए किया जाता था।

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख और इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने गहन तकनीकी निगरानी और स्थानीय खुफिया जानकारी के आधार पर सहारनपुर में छापेमारी की। पुलिस ने बताया कि इस मामले में दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। ताजा कार्रवाई के बाद अब पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उन मास्टरमाइंड्स की तलाश कर रही है जो पर्दे के पीछे से इस पूरे सिंडिकेट को संचालित कर रहे हैं। फिलहाल, मामले की विस्तृत जांच जारी है।

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