ATS कर्मचारी बनकर फरीदाबाद के बुजुर्ग से ठगे लाखों, तेलंगाना से आरोपी गिरफ्तार

फरीदाबाद: फरीदाबाद में साइबर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ और गिरफ्तारी का भय दिखाकर एक व्यक्ति की जमापूंजी पर हाथ साफ कर दिया। ठगों ने खुद को एटीएस अधिकारी बताकर सेक्टर-46 निवासी एक व्यक्ति से करीब 30.50 लाख रुपये हड़प लिए। इस मामले में साइबर थाना एनआईटी की टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर हैदराबाद, तेलंगाना से एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 3 नवंबर 2025 को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को एटीएस का कर्मचारी बताया और दावा किया कि पीड़ित के खाते में अवैध तरीके से पैसे आए हैं। ठगों ने पीड़ित को बताया कि उनके नाम पर अरेस्ट वारंट जारी हो चुका है और गिरफ्तारी से बचने के लिए आरबीआई (RBI) से खातों की ‘वेरीफिकेशन’ करानी होगी।

गिरफ्तारी के डर से घबराए पीड़ित ने ठगों के बताए अनुसार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए विभिन्न बैंक खातों में कुल 30,50,023 रुपये ट्रांसफर कर दिए। पैसे भेजने के बाद जब उसे अहसास हुआ कि वह ठगी का शिकार हो गया है, तो उसने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई।

साइबर थाना एनआईटी की टीम ने मामले की गहराई से जांच की और बैंक खातों के रिकॉर्ड खंगाले। पुलिस ने इस मामले में मिर्जा मुस्तफा (32) निवासी हैदराबाद को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी 12वीं पास है और हैदराबाद में प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता है। उसने अपना बैंक खाता कमीशन के लालच में साइबर ठगों को उपलब्ध कराया था। मुस्तफा के खाते में ठगी की रकम से 20 लाख रुपये क्रेडिट हुए थे।

पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उन मुख्य सरगनाओं की तलाश कर रही है, जिन्हें मुस्तफा ने अपना खाता उपलब्ध कराया था। पुलिस ने एक बार फिर आम जनता से अपील की है कि कोई भी जांच एजेंसी फोन पर इस तरह की धमकी या पैसों की मांग नहीं करती है।

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