प्राइवेट चार्टर प्लेन क्रैश! इंजन फेल होने के बाद खेतों में करनी पड़ी इमरजेंसी लैंडिंग

राष्ट्रीय जजमेंट

कर्नाटक के विजयपुरा जिले से रविवार (8 फरवरी, 2026) को एक बड़े विमान हादसे की खबर सामने आई है। रेडबर्ड एविएशन का एक छोटा ट्रेनिंग विमान तकनीकी खराबी के बाद बालेश्वर तालुक के मंगलुरु गांव में क्रैश हो गया। इस दुर्घटना में विमान के परखच्चे उड़ गए, लेकिन चमत्कारिक रूप से इसमें सवार दोनों पायलटों की जान बच गई।
कैसे हुआ हादसा?

विमान ने कलबुर्गी से बेलगावी के लिए एक नियमित ट्रेनिंग उड़ान भरी थी। उड़ान के दौरान जब विमान मंगलुरु गांव के ऊपर था, तभी उसके इंजन में अचानक तकनीकी खराबी आ गई। कैप्टन और ट्रेनी पायलट ने हवा में ही इंजन को फिर से शुरू करने की कोशिश की, लेकिन इंजन पूरी तरह फेल हो गया। विमान तेजी से ऊंचाई खोने लगा और पायलटों को आबादी वाले इलाके से दूर एक खुले खेत में इमरजेंसी लैंडिंग करने का कठिन फैसला लेना पड़ा। चश्मदीदों के अनुसार, विमान को नीचे गिरते देखना एक खौफनाक मंजर था।

विमान के अंदर का अनुभव और जमीन पर असर

खराब हो रहे रेडबर्ड विमान में, कैप्टन और ट्रेनी ने खराब इंजन को ठीक करने की व्यर्थ कोशिश की, लेकिन उनकी सूझबूझ से शायद एक बड़ा हादसा टल गया। विमान इतनी तेज़ी से जमीन से टकराया कि दोनों यात्रियों को गंभीर चोटें आईं, फिर भी चमत्कारिक रूप से उनकी जान बच गई – इस घटना में कोई मौत नहीं हुई। धूल और मलबा हवा में फैल गया, जैसे ही स्थानीय लोग मदद के लिए दौड़े, उनकी चीखें मुड़े हुए धातु की आवाज़ के साथ मिल गईं। कुछ ही मिनटों में, 108 एम्बुलेंस घटनास्थल पर पहुंची, और खून से लथपथ पायलटों को गंभीर इलाज के लिए विजयपुरा के सबसे नज़दीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने अफरा-तफरी के बीच उन्हें स्थिर किया।

तेज़ पुलिस कार्रवाई और पहली आधिकारिक जानकारी

बालेश्वर पुलिस लगभग तुरंत ही दुर्घटनास्थल पर पहुंच गई, गांव में बिखरे मलबे को सुरक्षित किया और शुरुआती जांच शुरू की। जांच अधिकारी ने शुरुआती जानकारी देते हुए कहा, “यह रेड बर्ड एविएशन का एक प्राइवेट विमान है। यह कलबुर्गी से बेलगावी जा रहा था, तभी इंजन में तकनीकी खराबी आ गई और अचानक क्रैश हो गया। विमान में दो लोग सवार थे, जिनकी पहचान कैप्टन और एक ट्रेनी पायलट के रूप में हुई है। दोनों को इस घटना में गंभीर चोटें आई हैं और उन्हें आगे के इलाज के लिए सबसे नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आगे की जांच जारी है।” यह बताता है कि मैकेनिकल खराबी ही मुख्य कारण है, और अब लॉग, मौसम डेटा और रखरखाव के इतिहास की गहराई से जांच की जा रही है।

क्षेत्रीय विमानन में जोखिम की गूंज

यह विजयपुरा घटना भारत के विशाल इलाकों में छोटी उड़ानों में छिपे खतरों की एक कड़ी याद दिलाती है, जहाँ ट्रेनिंग विमान रोज़ाना सीमाओं को पार करते हैं। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) की देखरेख में जांच तेज़ होने के साथ ही, रेडबर्ड के रखरखाव के मानकों और ग्रामीण दुर्घटना स्थलों की खतरनाक प्रकृति के बारे में सवाल उठ रहे हैं। पायलटों का ज़िंदा बचना थोड़ी उम्मीद जगाता है, लेकिन यह कर्नाटक के आसमान में सामान्य स्थिति और तबाही के बीच बहुत कम अंतर को दिखाता है, और इस बात का पूरा खुलासा होने का इंतज़ार है कि असल में रेडबर्ड को किसने ज़मीन पर उतारा।

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