फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में बड़ा हादसा, लोगों को बचाने में पुलिस इंस्पेक्टर की हुई मौत, कई घायल

फरीदाबाद : खुशियों के रंग और शिल्प के उल्लास से सराबोर सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले में शनिवार की शाम उस समय मातम पसर गया, जब मनोरंजन क्षेत्र में लगा एक विशालकाय झूला तकनीकी खराबी के चलते मौत का झूला बन गया। इस भीषण हादसे ने न केवल प्रशासन के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी, बल्कि हरियाणा पुलिस के एक ऐसे जांबाज सिपाही को हमसे छीन लिया, जिसने दूसरों की जान बचाने के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। पलवल पुलिस लाइन में तैनात और मथुरा निवासी इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद ने कर्तव्य की वेदी पर सर्वोच्च बलिदान देते हुए शहादत प्राप्त की।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार शाम करीब 6:15 बजे मेले के एम्यूजमेंट जोन में लगे एक ऊंचे झूले पर करीब 26 लोग सवार थे। अचानक एक तेज आवाज हुई और झूला एक तरफ झुककर टूटने लगा। नीचे मौजूद भीड़ में भगदड़ मच गई, लेकिन ड्यूटी पर तैनात इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद ने अपनी सुरक्षा की परवाह किए बिना उस ओर दौड़ लगा दी। वे चिल्ला-चिल्लाकर लोगों को नीचे से हटने और घायलों को निकालने का प्रयास कर रहे थे। इसी संघर्ष के दौरान झूले का एक भारी-भरकम लोहे का ढांचा उनके चेहरे और सिर पर आकर लगा। लहूलुहान अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी इस बहादुरी ने मेले में आए हजारों लोगों की आंखों में आंसू ला दिए।

हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने ट्वीट कर कहा कि वे इस घटना से अत्यंत दुखी हैं और सरकार घायलों के उपचार व पीड़ित परिवार की मदद के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वहीं, हरियाणा के पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने शहीद इंस्पेक्टर को श्रद्धांजलि देते हुए उनके परिवार को पुलिस पॉलिसी के तहत 1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि और अन्य विभागीय लाभ देने की घोषणा की है। डीजीपी ने कहा कि इंस्पेक्टर जगदीश की शहादत पुलिस विभाग के लिए एक अपूरणीय क्षति है और उनकी वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी।

हादसे के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। फरीदाबाद के डीसी आयुष सिन्हा और मंत्री अरविंद कुमार शर्मा ने स्पष्ट किया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीसी की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की गई है। हालांकि प्रशासन का दावा है कि झूलों का रोजाना फिटनेस सर्टिफिकेट चेक किया जाता है, लेकिन शनिवार को हुई इस तकनीकी विफलता ने सुरक्षा मानकों की हकीकत उजागर कर दी है। झूला संचालक के खिलाफ लापरवाही और हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मेले के अन्य झूलों की भी दोबारा गहन जांच के आदेश दिए गए हैं।

हादसे की सूचना मिलते ही हरियाणा के पर्यटन मंत्री अरविंद कुमार शर्मा फरीदाबाद पहुंचे और पीड़ितों का हाल जाना। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद ने मानवता की रक्षा में अपनी शहादत दी है। मंत्री ने साफ किया कि सूरजकुंड मेला अंतरराष्ट्रीय स्तर का आयोजन है और यहां सुरक्षा में कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिस झूले पर 26 जिंदगियां सवार थीं, उसके टूटने के कारणों की जांच एडीसी स्तर की कमेटी करेगी। मंत्री के अनुसार, सरकार न केवल दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई करेगी, बल्कि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सुरक्षा मानकों को और भी कड़ा किया जाएगा।

इस हादसे में 12 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनमें हरियाणा पुलिस की दो महिला कांस्टेबल भी शामिल हैं। घायलों में नोएडा की शिवानी, ग्रेटर नोएडा के हर्ष, महेंद्रगढ़ के सुनील और राजस्थान के प्रशांत सहित अन्य का निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है। डीजीपी अजय सिंघल ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को निर्देश दिए कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए। शहीद इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद, जो 31 जनवरी को ही मेला ड्यूटी पर आए थे, वे अगले कुछ ही महीनों में सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

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