50 करोड़ के ड्रग्स के साथ अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, 5 राज्यों में छापेमारी कर 7 सरगना गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच (ANTF) ने ‘ड्रग फ्री दिल्ली’ अभियान के तहत एक बहुत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में फैले एक विशाल ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए 7 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन में करीब 48 किलो प्रतिबंधित ड्रग्स (ट्रामाडोल और अल्प्राजोलम पाउडर) बरामद किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 50 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।

क्राइम ब्रांच के डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया कि यह ऑपरेशन पिछले साल सितंबर में मिली एक गुप्त सूचना के साथ शुरू हुआ था। सबसे पहले जैतपुर निवासी अनिरुद्ध को लाजपत नगर से 2 किलो ट्रामाडोल पाउडर के साथ पकड़ा गया था। जब एएनटीएफ की टीम ने गहराई से जांच शुरू की, तो कड़ियाँ जुड़ती गईं और एक पैक ताश के पत्तों की तरह यह पूरा गिरोह बिखर गया।

एसीपी सतेंद्र मोहन की देखरेख और इंस्पेक्टर नितेश कुमार के नेतृत्व में बनी विशेष टीम ने हजारों किलोमीटर का सफर तय किया। पुलिस ने दिल्ली के नांगलोई से कृष्ण तंवर और सिंधु बॉर्डर के पास फिल्मी स्टाइल में पीछा कर हरियाणा के भिवानी निवासी मनोज कुमार को दबोचा। इसके बाद हिमाचल और उत्तराखंड के दुर्गम इलाकों में छापेमारी कर प्रशांत और अमित को गिरफ्तार किया गया, जो दवा कंपनियों की आड़ में कच्चा माल और साइकोट्रोपिक पाउडर सप्लाई करते थे।

गिरफ्तार आरोपियों में से कई का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। आरोपी किशनपाल उर्फ भुल्लर और कृष्ण तंवर पहले भी भारी मात्रा में नशीले पदार्थों के साथ पकड़े जा चुके हैं। यह गिरोह दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल को अवैध रूप से प्राप्त कर उसे प्रतिबंधित दवाओं के रूप में बाजार में ऊंचे दामों पर बेचता था। क्राइम ब्रांच अब इस सिंडिकेट से जुड़े अन्य छोटे सप्लायरों और खरीददारों की तलाश में जुटी है।

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