करोड़ों की ‘नशीली गोलियों’ का काला कारोबार बेनकाब: दिल्ली पुलिस ने 5 करोड़ की अल्प्राजोलम के साथ दो सप्लायरों को दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने प्रतिबंधित ‘एनआरएक्स’ दवाओं की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट को ध्वस्त करने में सफलता हासिल की है। इस विशेष ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने दो मुख्य गुर्गों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से लगभग 5 करोड़ रुपये मूल्य की 21,000 अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद की हैं।

डीसीपी (क्राइम ब्रांच/ANTF) संजीव कुमार यादव ने बताया कि दिल्ली में ड्रग तस्करों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत हेड कांस्टेबल अनुज को सूचना मिली थी कि हरियाणा के रोहतक का रहने वाला मनोज और दिल्ली के कुछ अन्य तस्कर भगीरथ पैलेस मार्केट के जरिए भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाओं की सप्लाई कर रहे हैं। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए एसीपी सतेंद्र मोहन के मार्गदर्शन में इंस्पेक्टर विकास पन्नू की एक टीम गठित की गई।

16 जनवरी को पुलिस टीम ने चांदनी चौक के भगीरथ पैलेस मार्केट स्थित डिस्पेंसरी के पास जाल बिछाया और मनोज कुमार उर्फ मनु (44) को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 19,200 अल्प्राजोलम टैबलेट बरामद हुईं, जिनका वजन 2352 ग्राम था। एनडीपीएस एक्ट के तहत यह एक ‘व्यावसायिक मात्रा’ है। मनोज पिछले 3 साल से रोहतक और दिल्ली के बीच दवाओं की आड़ में इस अवैध धंधे को अंजाम दे रहा था।

पूछताछ में मनोज ने बताया कि वह ये दवाएं ‘अयान’ नामक एक सेल्समैन से लेता था। अयान का पता लगाने के लिए पुलिस टीम ने फिल्मी अंदाज में भेष बदला। हेड कांस्टेबल अमित सेल्समैन बने, जबकि हेड कांस्टेबल नवीन और कांस्टेबल हरीश मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव और वेंडर बनकर दरियागंज और भगीरथ पैलेस में सुराग जुटाने लगे। कड़ी मेहनत के बाद आरोपी तौहीद आलम उर्फ अयान (29) को जगसन पाल बिल्डिंग के पास से दबोच लिया गया।

पकड़ा गया आरोपी तौहीद आलम मूल रूप से किशनगंज, बिहार का रहने वाला है और दरियागंज के पटौदी हाउस में किराए पर रहता था। उसके कमरे से भी 1,800 नशीली गोलियां बरामद हुईं। तौहीद ग्रेजुएट है और दवाओं के कारोबार की अच्छी समझ रखता है। वह भगीरथ पैलेस मार्केट में जेनेरिक दवाओं की आड़ में प्रतिबंधित एनआरएक्स दवाएं बेचता था। पुलिस अब इस सिंडिकेट के मुख्य स्रोत और ‘समीर’ नामक संदिग्ध व्यक्ति की तलाश में छापेमारी कर रही है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More