सोशल मीडिया पर ‘विदेशी दोस्त’ से सावधान! तोहफों के नाम पर महिलाओं को लूटने वाला नाइजीरियाई मास्टरमाइंड समेत चार को पुलिस ने पकड़ा

नई दिल्ली: दिल्ली की उत्तरी जिला साइबर पुलिस ने सोशल मीडिया पर दोस्ती की आड़ में मासूम लोगों को ठगने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह कीमती तोहफे और विदेशी मुद्रा (पाउंड व डॉलर) भेजने का झांसा देकर लोगों से लाखों रुपये की वसूली करता था। पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड एक नाइजीरियाई नागरिक सहित कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से भारी मात्रा में मोबाइल फोन और विदेशी सिम कार्ड बरामद हुए हैं।

उत्तरी जिले के डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि बुराड़ी निवासी एक 40 वर्षीय महिला ने एनसीआरपी पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता के मुताबिक, अप्रैल 2025 में उसे ‘नितिन पटेल’ नाम के व्यक्ति का व्हाट्सएप मैसेज आया, जिसने उससे दोस्ती कर ली। कुछ दिनों की बातचीत के बाद उसने महिला को बताया कि वह उसके लिए एक अंगूठी, दो बैग, जूते और 50 हजार पाउंड नकद भेज रहा है। इसके बाद कस्टम क्लीयरेंस, लेट फीस और ट्रांसपोर्ट चार्ज के नाम पर महिला से अलग-अलग किस्तों में कुल 4.20 लाख रुपये ठग लिए गए। यहां तक कि आरोपियों ने खुद को मुंबई एयरपोर्ट का पुलिस अधिकारी बताकर महिला को धमकी भी दी कि उसका दोस्त अवैध पाउंड के साथ पकड़ा गया है और उसे छुड़ाने के लिए और पैसे देने होंगे।

इंस्पेक्टर रोहित गहलोत और एसीपी विदुषी कौशिक के नेतृत्व में गठित एसआई अरविंद यादव की टीम ने मामले की गहराई से जांच की। पुलिस ने करीब 200 मोबाइल नंबरों के सीडीआर और बैंक खातों के ट्रांजेक्शन को खंगाला। जांच में एक 16 वर्षीय किशोर की संलिप्तता सामने आई, जिसे सागरपुर इलाके से हिरासत में लिया गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने नजफगढ़ से अंश ओबेरॉय और कुणाल उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये लोग नाइजीरियाई मास्टरमाइंड को बैंक खाते और सिम कार्ड मुहैया कराते थे।

डिलीवरी बॉय बनकर मास्टरमाइंड को दबोचा

पुलिस ने आरोपी अंश के फोन से मास्टरमाइंड कुलीबली अमारा को बैंक खाते का पार्सल लेने के लिए मैसेज भेजा। कुलीबली ने बुराड़ी के पास का लोकेशन दिया। पुलिस टीम वहां पहुंची और एक सदस्य ने पार्सल डिलीवरी बॉय बनकर उसे फोन किया। जैसे ही 32 वर्षीय कुलीबली अमारा पार्सल लेने पहुंचा, पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। तलाशी में उसके पास से 22 मोबाइल फोन और 14 सिम कार्ड मिले, जिनमें 3 यूके के सिम कार्ड भी शामिल थे।

फेसबुक और टिंडर पर फैला रखा था जाल

पूछताछ में पता चला कि मास्टरमाइंड कुलीबली पिछले 7 वर्षों से भारत में रह रहा था और पहचान छिपाने के लिए चर्चों में शरण लेता था। वह फेसबुक, इंस्टाग्राम, टिंडर और मैट्रिमोनियल साइट्स पर फर्जी प्रोफाइल बनाता था। अगर शिकार महिला होती तो वह पुरुष की प्रोफाइल बनाता और अगर शिकार पुरुष होता तो वह महिला की प्रोफाइल का इस्तेमाल करता था। विश्वास जीतने के बाद वह विदेशी नंबरों से व्हाट्सएप चैटिंग शुरू करता और पार्सल भेजने का नाटक कर ठगी को अंजाम देता था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, एनसीआरपी पोर्टल पर इस गिरोह के खिलाफ पहले से ही 10 अन्य शिकायतें दर्ज हैं।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More