एक किडनैपिंग से खुला 400 करोड़ की डकैती का राज, नोटों से भरे ट्रक लूटे, क्यों उलझी 2 राज्यों की पुलिस?

राष्ट्रीय जजमेंट

अगर सच है तो यह देश की सबसे बड़ी डकैती है। 2 ट्रकों में भरकर 2-2 हजार के नोट जा रहे थे, जिनकी कीमत थी करीब 400 करोड़। लेकिन ये खजाना दो राज्यों की सीमाओं के बीच रास्ते से ही गायब हो गया। 3 महीने बीत जाने के बाद भी ये मामला सुलझ नहीं पा रहा है। महाराष्ट्र पुलिस जहां इसे अलग नजरिए से देख रही है तो वहीं कर्नाटक पुलिस अब तक FIR दर्ज करने को ही तैयार नहीं है।
अब यह समझ नहीं आ रहा है कि लूट की कहानी हकीकत है या बस कहानी। यही नहीं कुछ का यह कहना है कि मामला 2-2 हजार के पुराने नोटों का है, जो अब बंद हो चुके हैं तो कोई मामला नहीं बनेगा। जबकि कुछ लोगों को शक है कि यह रकम किसी नेता की हो सकती है। इतने सारे सवाल एक लूट पर खड़े हैं, ऐसे में मामले को समझने के लिए आपको शुरू से इस कहानी के भीतर जाना होगा।
क्या है ये फिल्मी कहानी
मामला 16 अक्टूबर, 2025 का है। हालांकि खुलासा कुछ ही दिन पहले हुआ। कहा जा रहा है कि 2-2 हजार के नोटों से भरे दो ट्रक गोवा से कर्नाटक होते हुए महाराष्ट्र की ओर रवाना हुए। लेकिन रास्ते में कर्नाटक और महाराष्ट्र के बॉर्डर पर चोरला घाट के जंगलों में अज्ञात लोगों ने इसे लूट लिया। कहा जा रहा है कि 400 करोड़ रुपये से ज्यादा की नकदी थी।
पुलिस तक कैसे पहुंचा मामला
लूट अक्टूबर की है, लेकिन इस मामले को बाहर आते-आते 3 महीने से ज्यादा का टाइम लग गया। नासिक के एक कारोबारी संदीप पाटिल ने थाने में शिकायत दर्ज कराई कि 4 लोगों ने उसका अपहरण किया। अपहरण करने वालों ने उसे बार-बार टॉर्चर किया और 400 करोड़ की लूट के बारे में पूछताछ की। बाद में उसे छोड़ दिया। ये किडनैपर संदीप पाटिल से अपना हिस्सा मांग रहे थे।
कर्नाटक पुलिस की अलग राय
कर्नाटक पुलिस इस जांच में शामिल तो हो गई है, लेकिन अभी तक FIR दर्ज नहीं की है। कर्नाटक पुलिस का कहना है कि 400 करोड़ की लूट की बात सुनी-सुनाई कहानी है। ऐसे में बिना सबूत के शिकायत कैसे दर्ज करें। जबकि महाराष्ट्र में इस मामले की जांच के लिए SIT भी गठित हो गई है। नासिक पुलिस ने 16 जनवरी को इस मामले में कर्नाटक पुलिस को पत्र लिखा था। कर्नाटक पुलिस का कहना है कि मामले को सही से समझने के लिए हमने अपने पुलिस अफसर नासिक भेजे हैं। पुलिस ने लोगों से भी मदद मांगी है कि अगर किसी ने भी इस लूट को होते हुए देखा है तो वे तुरंत संपर्क कर सकते हैं।

सरकार तक पहुंच गई है बात
यह बात सरकारों तक भी पहुंच गई है। कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि उन्होंने इस मामले में जानकारी मांगी है। उन्होंने कहा है कि जांच अभी शुरुआती स्तर पर है और सही जानकारी अभी तक नहीं मिल पाई है। हमें यह देखना होगा कि कर्नाटक पुलिस इसमें कितना शामिल हो सकती है। माना जा रहा है कि यह पैसा हवाला का हो सकता है। इसमें बड़े-बड़े नेता और कारोबारी शामिल हो सकते हैं।

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