जेएनयू में गूंजी ‘सशक्त नारी’ की हुंकार: उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर विशेष पुस्तक पर परिचर्चा

नई दिल्ली: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) के परिसर में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश की बदलती तस्वीर और महिला सशक्तिकरण के बढ़ते कदमों पर गहन विमर्श हुआ। इस खास मौके पर प्रोफेसर पूनम कुमारी द्वारा लिखित पुस्तक “Breaking the Barriers: Women Empowerment in Yogi’s Uttar Pradesh” (सशक्त नारी सशक्त उत्तर प्रदेश) के लोकार्पण और परिचर्चा का भव्य आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और उत्तर प्रदेश सरकार के शिक्षा सलाहकार प्रोफेसर डी.पी. सिंह ने परिचर्चा को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले 8-9 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास की नई परिभाषा लिखी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आज यूपी में महिला सशक्तिकरण केवल कागजों तक सीमित नहीं है, बल्कि सुरक्षा, शिक्षा और स्वरोजगार के माध्यम से धरातल पर दिखाई दे रहा है। प्रो. सिंह के अनुसार, यह पुस्तक शोधार्थियों और नीति निर्माताओं के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज साबित होगी।

कार्यक्रम की लेखिका और संयोजक प्रोफेसर पूनम कुमारी ने अपने फील्डवर्क के अनुभव साझा करते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश को ‘वन ट्रिलियन इकोनॉमी’ बनाने के लक्ष्य में महिलाओं की भागीदारी सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। विशिष्ट अतिथि प्रो. संतोष शुक्ला ने भी पुस्तक की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रदेश में आए संरचनात्मक परिवर्तनों का वास्तविक लेखा-जोखा है।

डॉ. शिवानी सक्सेना के कुशल संचालन में आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में जेएनयू के प्राध्यापक, शोधार्थी और छात्र मौजूद रहे, जिन्होंने उत्तर प्रदेश के इस सामाजिक और आर्थिक बदलाव पर अपने विचार साझा किए।

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