पलवल कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: मौत के सौदागरों को 10 साल की सजा, 41 अवैध हथियारों के साथ पकड़े गए MP के तस्करों को कोर्ट ने भेजा जेल

फरीदाबाद : अपराध और अपराधियों के खिलाफ पलवल पुलिस की प्रभावी पैरवी रंग लाई है। अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह के दो कुख्यात तस्करों को अदालत ने दोषी करार देते हुए 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। ये तस्कर मध्य प्रदेश में हथियार बनाने की फैक्ट्री चलाते थे और वहां से हथियारों का जखीरा लाकर हरियाणा, दिल्ली समेत 5 राज्यों में सप्लाई करते थे।

पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि सोमवार को माननीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. तैय्यब हुसैन की अदालत ने सबूतों और गवाहों के आधार पर शस्त्र अधिनियम की धारा 25(8) के तहत आरोपी किलोर सिंह और जाम सिंह (निवासी सेंधवा, जिला बड़वानी, मध्य प्रदेश) को दोषी करार दिया। अदालत ने दोनों को 10-10 साल की सख्त कैद और 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

मामला 10 जुलाई 2022 का है। तत्कालीन एसपी राजेश दुग्गल के निर्देशन में सीआईए होडल के तत्कालीन प्रभारी इंस्पेक्टर जंगशेर सिंह और एसआई हनीश खान ने डबचिक मोड़ पर नाकाबंदी कर इस गिरोह का भंडाफोड़ किया था। पुलिस ने उस वक्त आरोपियों के पास से 41 अवैध हथियार (35 पिस्टल और 6 देसी कट्टे) और 11 मैगजीन बरामद की थीं। यह जिले में अब तक की सबसे बड़ी रिकवरी में से एक थी।

जांच में खुलासा हुआ था कि आरोपी मध्य प्रदेश के बड़वानी में अपनी खुद की अवैध हथियार फैक्ट्री चलाते थे। पलवल पुलिस ने वहां छापा मारकर उस फैक्ट्री को ध्वस्त किया था और हथियार बनाने के औजार भी जब्त किए थे। पुलिस की मजबूत चार्जशीट और अदालत में प्रभावी पैरवी के चलते आज इन तस्करों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है।

Comments are closed.

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More