शादी में गया था परिवार, पीछे से साफ हो गया घर: पुलिस ने सुलझाई 75 लाख की चोरी, 432 ग्राम सोना और 3 किलो चांदी बरामद

नई दिल्ली: पश्चिमी जिले की पंजाबी बाग थाना पुलिस (मादीपुर चौकी) ने सतर्कता और तकनीकी जांच का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए एक हाई-प्रोफाइल सेंधमारी (बर्गलरी) के मामले को सुलझा लिया है। पुलिस ने न केवल वारदात में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, बल्कि चोरी गया लगभग 100% माल बरामद कर लिया है। बरामद सामान में 432 ग्राम सोना (कीमत करीब 65 लाख रुपये), 3.2 किलो चांदी (कीमत करीब 10 लाख रुपये) और 80 हजार रुपये नकद शामिल हैं।

पश्चिमी जिले के डीसीपी दराडे शरद भास्कर ने बताया कि 17 जनवरी को मधुबन एन्क्लेव, पंजाबी बाग निवासी शैलेंद्र कुमार ने चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। शैलेंद्र कुमार केबल ऑपरेटर हैं। उन्होंने बताया कि 16 जनवरी की रात वह अपने परिवार के साथ अजमेरी गेट एक शादी समारोह में गए हुए थे। जब 17 जनवरी की सुबह वापस लौटे, तो घर की खिड़की की लोहे की ग्रिल टूटी हुई थी और अलमारी का लॉकर खुला पड़ा था। घर से लाखों के जेवरात और नकदी गायब थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी पंजाबी बाग शिवम और एसएचओ संजय दहिया की देखरेख में मादीपुर चौकी इंचार्ज एसआई नरेश अहलावत के नेतृत्व में एक विशाल टीम गठित की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें रात 3:17 बजे दो नकाबपोश घर में घुसते और 3:50 बजे बाहर निकलते दिखाई दिए। जांच में आरोपियों की पहचान शंकर (42) और उसके भतीजे मनीष (22) के रूप में हुई।

डीसीपी ने बताया कि टीम ने छापेमारी कर शंकर की पत्नी (लिव-इन पार्टनर) मीनू (38) और भतीजे मनीष को गिरफ्तार कर लिया। मीनू के पास से चोरी का काफी सामान बरामद हुआ। उसने बताया कि शंकर और मनीष चोरी करके सुबह घर आए थे। बाद में मनीष की निशानदेही पर बाकी सोना और वारदात में पहने गए कपड़े बरामद किए गए। मुख्य आरोपी शंकर अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस ने 432 ग्राम सोना (कीमत ~65 लाख रुपये), 3.2 किलोग्राम चांदी (कीमत ~10 लाख रुपये) और 80,499 रुपये नगद बरामद किए हैं। आरोपी मीनू घर-घर जाकर आर्टिफिशियल ज्वेलरी बेचने का काम करती है, जबकि मनीष का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। पुलिस की इस कार्रवाई से पीड़ित परिवार को उनकी जीवन भर की कमाई वापस मिल गई है।

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