सावधान! आपकी सिम बन सकती है ठगी का जरिया, दिल्ली पुलिस ने पकड़ा ई-सिम सक्रिय कर लाखों की चपत लगाने वाला साइबर ठग

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के उत्तर-पश्चिम जिला साइबर सेल ने एक ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो ई-सिम (e-SIM) और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर लोगों के बैंक खातों में सेंध लगाता था। पुलिस ने आरोपी नवीन उर्फ प्रदीप (23) को हरियाणा के फतेहाबाद से दबोचा है। आरोपी ई-सिम सक्रिय कर फर्जी आईडी पर स्विगी और एयरटेल जैसे ऐप्स के जरिए ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस ने इसके पास से अपराध में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं।

अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (उत्तर-पश्चिम जिला) भीष्म सिंह ने बताया कि प्रियदर्शिनी विहार निवासी आकाशदीप शर्मा ने साइबर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि साइबर अपराधियों ने उनके साथ ₹93,167 की धोखाधड़ी की है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसीपी राजीव कुमार की देखरेख और थानाध्यक्ष दिनेश दहिया के नेतृत्व में हेड कांस्टेबल परवीन, देवी सिंह और अन्य जवानों की एक विशेष टीम गठित की गई।

जांच के दौरान टीम ने ठगी में इस्तेमाल किए गए स्विगी अकाउंट और मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया। डिजिटल फुटप्रिंट्स और लोकेशन के आधार पर पुलिस की टीम हरियाणा के तोहाना पहुँची, जहाँ कड़ी मशक्कत के बाद आरोपी नवीन उर्फ प्रदीप को धर दबोचा गया। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह एक बड़े सिंडिकेट का हिस्सा है। वह माई जियो और एयरटेल थैंक्स ऐप के जरिए ई-सिम सक्रिय करता था और फिर उन नंबरों से ई-कॉमर्स अकाउंट बनाकर अवैध धन से महंगे मोबाइल फोन और अन्य सामान खरीदता था।

पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी सामान की डिलीवरी सड़क किनारे लेता था और बिल पर जानबूझकर अधूरा पता लिखवाता था। आरोपी ने बताया कि खर्चीली जीवनशैली और आर्थिक तंगी के कारण उसने ठगी का रास्ता चुना। आरोपी नवीन पहले भी कई लोगों को अपना शिकार बना चुका है। पुलिस अब इस सिंडिकेट के अन्य सदस्यों और आरोपी की अन्य मामलों में संलिप्तता की जांच कर रही है।

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