आउटर नॉर्थ दिल्ली में बीट स्टाफ की मुस्तैदी से 16 बदमाश धरे: लूट, स्नैचिंग और वाहन चोरी के कई केस हल

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की उत्तरी बाहरी जिले की टीम ने सड़क अपराध, वाहन चोरी और लूटपाट के खिलाफ जबरदस्त अभियान चलाकर अपराधियों की कमर तोड़ दी है। डीसीपी हर्षवर्धन स्वामी के नेतृत्व में चलाए गए इस विशेष ऑपरेशन में 16 कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें इंटर-स्टेट गैंग के सदस्य भी शामिल हैं। इस अभियान से दो अंधे लूट के मामलों समेत 8 छिनैती, 7 वाहन चोरी, एक हत्या का प्रयास और एक हथियार अधिनियम के केस सुलझाए गए हैं। पुलिस ने लाखों रुपये का माल बरामद किया है, जिसमें दो ट्रक, सात दोपहिया वाहन, एक कार, 11 मोबाइल फोन, तीन सोने के आभूषण, दो चाकू और दस्तावेज शामिल हैं।

डीसीपी स्वामी ने बताया कि तकनीक का इस्तेमाल और आदतन अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति से यह सफलता मिली है। गिरफ्तार अपराधियों में कई ऐसे हैं जिनके खिलाफ 100 से ज्यादा मामले दर्ज हैं, और वे हत्या, लूट, छिनैती, वाहन चोरी जैसे संगीन अपराधों में संलिप्त रहे हैं। इस अभियान से जनता में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है और संगठित अपराध पर लगाम लगी है।

ब्लाइंड लूट के दो मामलों में त्वरित कार्रवाई

नरेला इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस स्टेशन (एनआईए) ने दो अंधे लूट के मामलों को चंद घंटों में सुलझा लिया। पहले मामले में 3 जनवरी को दिलीप कुमार नामक व्यक्ति से मोबाइल फोन, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड और 3000 रुपये लूट लिए गए थे। एफआईआर नंबर 04/26 के तहत दर्ज इस मामले में गौरव उर्फ खासी (20 वर्ष), साहिल उर्फ चुहा (21 वर्ष), मोहित उर्फ सचिन (20 वर्ष) और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया। गौरव हत्या, हत्या का प्रयास, हथियार अधिनियम और लूट जैसे छह मामलों में पहले से वांछित था। बरामदगी में लूटा गया ऑनर मोबाइल, ड्राइविंग लाइसेंस और एक अतिरिक्त मोबाइल शामिल है।

दूसरे मामले में 4 जनवरी को मनोहर सिंह से सोने की चेन, दो सोने की अंगूठियां, एक चांदी की अंगूठी, मोबाइल, पर्स और स्कूटी लूट ली गई थी। एफआईआर के तहत दर्ज इस केस में तीन नाबालिगों को पकड़ा गया। बरामदगी में सभी लूटे गए सामान के अलावा अपराध में इस्तेमाल चाकू भी शामिल है।

भलस्वा डेयरी में हथियार के साथ आदतन अपराधी गिरफ्तार

4 जनवरी को भलस्वा डेयरी पुलिस ने गश्त के दौरान अमन नामक 25 वर्षीय अपराधी को दबोचा, जिसके पास बटन वाला चाकू और चोरी की मोटरसाइकिल थी। समईपुर बादली का यह बदमाश 29 मामलों में वांछित था, जिसमें लूट, छिनैती, चोरी और हथियार अधिनियम शामिल हैं। एफआईआर के तहत दर्ज इस मामले से हत्या का प्रयास, छिनैती और वाहन चोरी के तीन अन्य केस भी सुलझ गए।

छिनैती के मामलों में बड़े खुलासे

अलीपुर पुलिस ने 2 जनवरी 2026 को ओम प्रकाश से मोबाइल छीनने के मामले विशाल उर्फ हर्षित (26 वर्ष) और आशिफ (30 वर्ष) को गिरफ्तार किया। विशाल छह और आशिफ सात मामलों में वांछित थे। बरामदगी में सैमसंग मोबाइल और अपराध में इस्तेमाल यामाहा एमटी-15 मोटरसाइकिल शामिल है।

समईपुर बादली पुलिस ने मुकर्रम आलम से मोबाइल छीनने के मामले में अमन (25 वर्ष) और अनिल उर्फ रैंटला (18 वर्ष) को पकड़ा। अमन 30 मामलों में और अनिल दो मामलों में वांछित था।

वाहन चोरी के मामलों में सफलता

एनआईए पुलिस ने स्कूटी चोरी के ई-एफआईआर में शिवा उर्फ शिबू (22 वर्ष) और राम चरण (23 वर्ष) को गिरफ्तार किया। शिवा तीन मामलों में वांछित था। बरामदगी में सात मोबाइल और चार दोपहिया वाहन शामिल हैं, जो विभिन्न थानों से चोरी हुए थे।

स्वरूप नगर पुलिस ने ट्रक चोरी के ई-एफआईआर में मोहम्मद वकील (45 वर्ष) को पकड़ा, जो तीन मामलों में वांछित था। एक अन्य ई-एफआईआर में इंटर-स्टेट गैंग के साहुन उर्फ सौहन (37 वर्ष) और फरीद (32 वर्ष) को गिरफ्तार किया गया। साहुन 15 मामलों में वांछित है। बरामदगी में चोरी का डंपर ट्रक, लॉक तोड़ने की चाबी और एक कार शामिल है।

गिरफ्तार अपराधियों की सूची और बरामदगी का विवरण

गिरफ्तार अपराधियों में गौरव उर्फ खासी (6 मामले), साहिल उर्फ चुहा, मोहित उर्फ सचिन, शिवा उर्फ शिबू (3 मामले), राम चरण, मोहम्मद वकील (3 मामले), फरीद (4 मामले), साहुन (15 मामले), अमन (29 मामले), विशाल उर्फ हर्षित (6 मामले), आशिफ (7 मामले), अनिल उर्फ रैंटला (2 मामले) और चार नाबालिग शामिल हैं। कुल बरामदगी में तीन सोने के आभूषण, 11 मोबाइल, दो चाकू, 10 वाहन (सात दोपहिया, दो ट्रक, एक कार) और दस्तावेज हैं। ये बरामदगी एनआईए, नरेला, शालीमार बाग, समईपुर बादली और स्वरूप नगर थानों से संबंधित हैं। कुल 18 केस सुलझाए गए हैं, जिनमें विभिन्न एफआईआर और ई-एफआईआर शामिल हैं।

डीसीपी हरेश्वर स्वामी ने बताया कि यह सफलता लॉ एंड ऑर्डर तथा जांच विंग के विभाजन की प्रभावी कार्यान्वयन का नतीजा है। तकनीक का उपयोग, त्वरित जांच और आदतन अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति से यह कामयाबी मिली है। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ कुल 100 से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज हैं। कई आरोपी घोषित बदमाश (बीसी) हैं और कुछ पर हत्या, लूट, स्नैचिंग जैसे गंभीर अपराधों का इतिहास है।

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