दिल्ली में नाबालिगों का आतंक: मोबाइल लूट की दो वारदातें पुलिस ने सुलझाईं, छह अपराधी गिरफ्तार, लूट का माल बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली के मध्य जिले में नए साल के शुरुआती दिनों में मोबाइल फोन लूट की दो अलग-अलग वारदातों ने लोगों में दहशत फैला दी थी। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से दोनों मामलों का खुलासा हो गया। प्रसाद नगर और पटेल नगर पुलिस ने महज कुछ घंटों में छह नाबालिग अपराधियों को धर दबोचा। लूटे गए मोबाइल फोन, आधार कार्ड और अपराध में इस्तेमाल चाकू भी बरामद कर लिया गया।

पहली घटना एक जनवरी की रात करीब 10 बजे की है। करोल बाग के बापा नगर के पास काम से लौट रहे एक शख्स को तीन अज्ञात लड़कों ने घेर लिया। उन्होंने पीड़ित को गलत तरीके से रोका, धक्का-मुक्की की और उसका मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। शिकायत पर प्रसाद नगर थाने में मामला दर्ज किया गया। इंस्पेक्टर सुभाष चंदर के नेतृत्व में एसआई राहुल मेहता और हेड कांस्टेबल विनीत की टीम गठित की गई। स्थानीय खुफिया जानकारी और तकनीकी इनपुट के आधार पर टीम ने महज कुछ घंटों में तीन नाबालिगों को पकड़ लिया। ये तीनों उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं, जिनकी उम्र 15, 16 और 17 साल है। उनके पास से लूटा हुआ मोबाइल भी बरामद हो गया। गिरफ्तारी अभिभावकों की मौजूदगी में की गई।

दूसरी वारदात दो जनवरी की दोपहर करीब ढाई बजे पटेल नगर के रॉक गार्डन पार्क के पास हुई। काम से लौट रहे एक व्यक्ति को तीन लड़कों ने रोका। दो ने पीड़ित को पकड़ा तो तीसरे ने चाकू की नोक पर धमकाते हुए उसका रियलमी 12 प्रो 5जी मोबाइल फोन और कवर में रखा आधार कार्ड छीन लिया। पटेल नगर थाने में मामला दर्ज होते ही एसएचओ नवीन कुमार के नेतृत्व में एसआई रोशन, एसआई महेश, हेड कांस्टेबल राजकुमार और कांस्टेबल भूपेंद्र की विशेष टीम सक्रिय हो गई। एसीपी सुनील कुमार की निगरानी में टीम ने सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया और स्थानीय सूत्रों से जानकारी जुटाई। तीन जनवरी को शादिपुर फ्लाईओवर के पास मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर तीन नाबालिगों को पकड़ा गया। ये सभी दिल्ली के बलजीत नगर के रहने वाले हैं और उनकी उम्र 16 से 17 साल के बीच है। उनके कब्जे से लूटा मोबाइल, आधार कार्ड और चाकू बरामद हुआ।

मध्य जिले के डीसीपी निधिन वल्सन ने दोनों मामलों में टीम की तारीफ करते हुए कहा कि त्वरित कार्रवाई से जनता का विश्वास मजबूत हुआ है। इन गिरफ्तारियों से क्षेत्र में अपराधियों के हौसले पस्त हुए हैं। पुलिस अब इन नाबालिगों के पिछले रिकॉर्ड और संभावित गिरोह की जांच कर रही है।

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