शाहदरा के स्पेशल स्टाफ ने 1.5 करोड़ की ज्वेलरी चोरी का कांड सुलझाया, अंतरराज्यीय ‘ताला-चाबी गैंग’ के दो शातिर गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की शाहदरा जिला स्पेशल स्टाफ ने मात्र दो महीने में 1.5 करोड़ रुपये की ज्वेलरी चोरी के बड़े मामले का पर्दाफाश कर दो अंतरराज्यीय चोरों को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सम्राट सिंह उर्फ समरथ (30) निवासी वडोदरा, गुजरात और समित सिंह उर्फ सुमित सिंह (22) निवासी इंदौर, मध्य प्रदेश के रूप में हुई है। दोनों के पास से चोरी का करीब 25 लाख रुपये का सोना-चांदी, चोरी के पैसों से खरीदी गई सफेद क्रेटा कार और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद कर ली गई है।

शाहदरा जिले के डीसीपी परशांत गौतम ने बताया कि 11-12 सितंबर की रात कृष्णा नगर में मान्ना लाल सुराना के घर में चोरी हुई थी। सुराना दंपति उस रात विवेक विहार स्थित अपनी ससुराल गए थे। सुबह उनका बेटा घर देखने आया तो सब ठीक था, लेकिन दोपहर करीब 1:15 बजे जब वे लौटे तो मुख्य गेट का ताला टूटा मिला। अंदर अलमारियां और कमरों के ताले तोड़े हुए थे। चोर 1 किलो सोना, हीरे की ज्वेलरी और 11 किलो चांदी ले उड़े थे। इसके बाद कृष्णा नगर थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी परशांत गौतम ने इंस्पेक्टर अर्जुन सिंह के नेतृत्व में स्पेशल स्टाफ की बड़ी टीम गठित की। टीम में एसआई धीर सिंह, दीपक, राजकुमार समेत 20 से ज्यादा जांबाज अफसर-कर्मचारी शामिल थे। टीम ने 2500 से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले, मुखबिर तंत्र सक्रिय किया और तकनीकी सर्विलांस के जरिए आरोपियों तक पहुंची। पता चला कि यह चोरी मध्य प्रदेश-गुजरात-महाराष्ट्र बॉर्डर पर सक्रिय कुख्यात ‘ताला-चाबी गैंग’ ने की है।

डीसीपी ने बताया कि पूछताछ में दोनों बदमाशों ने खुलासा किया कि वे ट्रेन से इंदौर से दिल्ली आए थे और नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास सस्ते होटल में रुके थे। दिन में चाबी बनाने का बहाना कर शाहदरा की कॉलोनियों में रेकी करते थे। 2-3 दिन से ताला बंद घरों को निशाना बनाते थे। वारदात के लिए मानसरोवर पार्क से ही मोटरसाइकिल चुराई थी। चोरी के बाद कई बार बाइक बदलकर फरार हो गए थे ताकि कोई सुराग न मिले। दोनों आरोपी पहले से दिल्ली में दर्जनों चोरी के मामलों में वांछित थे। समित सिंह को एक केस में कोर्ट ने भगोड़ा भी घोषित किया था। इनकी गिरफ्तारी से दिल्ली-एनसीआर में कई और चोरी के मामले सुलझने की उम्मीद है।

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