कानपुर देहात में चक्की फटने से नौवीं के छात्र की दर्दनाक मौत, पास खड़े लोग बाल-बाल बचे

राष्ट्रीय जजमेंट

कानपुर देहात: उत्तर प्रदेश के रूरा थाना के सरगांव बुजुर्ग गांव में आटा चक्की का पत्थर धमाके के साथ फट गया। पास खड़े किशोर के सिर पर पत्थर लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वह गेहूं पिसाने चक्की आया था। घटना के बाद चक्की चला रहा मजदूर और दो अन्य किशोर बाल-बाल बच गए। चक्की संचालक मौके से भाग गया। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसे देखकर हर कोई हैरान है।
सरगांव बुजुर्ग गांव में गंगाराम राठौर का चक्की कारखाना है, जिसमें आटा पिसाई का काम होता है। शनिवार दोपहर बाद करीब तीन बजे आटा चक्की में गांव के मनोज शुक्ला गेहूं की पिसाई कार्य में जुटे थे। इसी दौरान गांव के संजय कुमार का 15 वर्षीय बेटा मोहित अपने दो साथियों के साथ बोरी में गेहूं पिसाने के लिए चक्की पहुंचा। वह चल रही चक्की के पास घर से लाई गई गेहूं की बोरी को व्यवस्थित करने में जुट गया, तभी अचानक चलती चक्की धड़ाम की आवाज से फट गई और उससे निकला पत्थर मोहित के सिर पर लगा और वह वही गिर गया। उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

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चक्की में मौजूद लोग बाल-बाल गए। कारखाना मालिक मौके से भाग निकला। मृतक के पिता और मां उर्मिला के अलावा उसके भाई रोहित, सोहित, आर्यन मौके पर आकर बिलखने लगे। थानाध्यक्ष अमित शुक्ला, एसआई रमाशंकर पाल मौके प पहुंचे।

मुआवजे की मांग की
घटना को लेकर नाराजगी जताते हुए परिजनों ने मुआवजे की मांग की। साथ ही संचालक पर कार्रवाई की मांग कर शव उठाने से मना कर दिया। एसडीएम डेरापुर सुरभि शर्मा, नायब तहसीलदार जितेंद्र आदि ने आकर स्वजन को समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग माने नहीं। अफसरों ने परिजनों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया, तब शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

मशीन का कवर फटने से हुआ हादसा
ग्रामीणों ने बताया कि करीब ढाई साल पहले मशीन लगी थी, इससे आशंका है कि मशीन के पत्थर में लगा लोहे का कवर पुराना और जर्जर हो गया था। वहीं, गेहूं अधिक भर देने से पत्थर गर्म होकर फटा या फिर सुबह से लगातार चलाए जाने से पत्थर गर्म हो गया और बीच में मशीन को बंद कर ठंडा कर देना चाहिए था। चक्की संचालक की लापरवाही से ग्रामीणों में नाराजगी है।

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