दिल्ली पुलिस ने तीन करोड़ के ऑनलाइन फ्रॉड का किया भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार, क्रिप्टो और विदेशी कनेक्शन उजागर

नई दिल्ली: दिल्ली के शाहदरा साइबर पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस सनसनीखेज मामले में ₹3 करोड़ की ठगी का खुलासा हुआ है, जिसमें क्रिप्टोक्यूरेंसी और विदेशी (हांगकांग/चीनी) कनेक्शन सामने आए हैं। पुलिस ने छापेमारी में तीन मोबाइल फोन, चार लैपटॉप और एक पेटीएम पीओएस मशीन बरामद की है।

शाहदरा जिला के डीसीपी प्रशांत गौतम ने बताया कि विवेक विहार निवासी 64 वर्षीय सुनीत कुमार सूरी ने शाहदरा साइबर थाने में शिकायत दर्ज की थी कि सोशल मीडिया पर विज्ञापनों को देखकर वह एक व्हाट्सएप ग्रुप में शामिल हुए। इस ग्रुप में फर्जी प्रॉफिट स्क्रीनशॉट दिखाकर निवेशकों को लुभाया जाता था। झांसे में आकर सुनीत ने अपने बैंक खाते से 2.25 लाख का निवेश किया। बाद में आईपीओ डिलीवरी के नाम पर और पैसे मांगे गए, तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इस आधार पर थाने में एफआईआर दर्ज की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर विजय कुमार, प्रभारी साइबर शाहदरा और एसीपी मोहिंदर सिंह की देखरेख में एक विशेष टीम गठित की गई। इस टीम में सब-इंस्पेक्टर अजय भट्ट, हेड कांस्टेबल धनेश, अनुज, विकास और कांस्टेबल प्रभु दयाल शामिल थे। टीम ने बैंक लेनदेन, आईपी लॉग्स, व्हाट्सएप चैट और डिजिटल उपकरणों का गहन विश्लेषण किया। दिल्ली में कई स्थानों पर छापेमारी कर आयुष कोली, संजीव कुमार और आकाश को गिरफ्तार किया गया।

पुलिस इस गहरी साजिश को उजागर करने के लिए जांच कर रही है। अन्य सहयोगियों की पहचान, पैसे के लेनदेन का पता लगाने और ठगी की रकम की बरामदगी के प्रयास जारी हैं। डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर फ्रॉड नेटवर्क के व्यापक कनेक्शन स्थापित किए जा रहे हैं।

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