कार स्क्रैप के नाम पर कबाड़ डीलर से ठगे 50 हजार, दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने दबोचा

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट/उत्तर-पूर्व जिला ने एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है, जिसने एक प्रतिष्ठित कार बिक्री कंपनी के मैनेजर के रूप में अपनी पहचान बताकर एक कबाड़ डीलर को सस्ते दामों पर कार स्क्रैप बेचने का झांसा देकर 50 हजार रुपये ठग लिए। आरोपी से अपराध में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया गया है, और ठगी की रकम जमा करने वाले बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है।

13 सितंबर को उत्तर-पूर्व दिल्ली के साइबर पुलिस स्टेशन में न्यू मुस्तफाबाद निवासी ताहिर की शिकायत पर बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज किया गया। ताहिर ने बताया कि बीती 29 जुलाई को उनकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई, जिसने खुद को विनोद शर्मा के रूप में पेश किया और एक प्रतिष्ठित कार बिक्री कंपनी का मैनेजर बताया। आरोपी ने सस्ते दामों पर कार स्क्रैप बेचने का ऑफर दिया।

कैसे फंसाया ठगी के जाल में

ताहिर ने स्क्रैप का मुआयना करने के बाद 10 हजार रुपये ऑनलाइन टोकन मनी के रूप में ट्रांसफर कर दिए और उन्हें जल्द डिलीवरी का आश्वासन दिया गया। 2-3 दिन बाद, आरोपी ने फिर संपर्क कर एक अन्य जगह पर स्क्रैप का नया लॉट दिखाने का लालच दिया। ताहिर ने वहां भी स्क्रैप देखा और खरीदने को सहमत हो गए। डिलीवरी के लिए वाहन की व्यवस्था करने को कहा गया, लेकिन मौके पर पहुंचने पर आरोपी ने 40 हजार रुपये का भुगतान मांगा। ताहिर ने रकम ट्रांसफर कर दी, लेकिन साइट पर पहुंचने पर कंपनी स्टाफ ने बताया कि उन्हें कोई भुगतान नहीं मिला। इसके बाद आरोपी का मोबाइल फोन बंद मिला, और वह संपर्क से बाहर हो गया।

उत्तर-पूर्व जिला की साइबर पुलिस स्टेशन की एक समर्पित टीम ने एसएचओ साइबर पीएस के नेतृत्व में तकनीकी जांच शुरू की। गहन छानबीन के बाद आरोपी को दिल्ली के बदरपुर से गिरफ्तार किया गया। उसकी पहचान फरीदाबाद निवासी रमन अरोड़ा (39 वर्ष) के रूप में हुई। उसके पास से अपराध में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन बरामद किया गया। ठगी की रकम जमा करने वाले बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया गया है। जांच में पता चला कि रमन अरोड़ा पहले भी इसी तरह के एक मामले में शामिल रहा है।

पुलिस के अनुसार, रमन अरोड़ा ने फर्जी पहचान बनाकर ताहिर को ठगी का शिकार बनाया। वह कबाड़ डीलरों को सस्ते स्क्रैप का लालच देकर ठगने का काम करता था। साइबर पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य संभावित कड़ियों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या अन्य लोग भी इस ठगी में शामिल हैं।

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