गिरफ्तार नन का मुद्दा लोकसभा में उठा, राज्यसभा में अमित शाह ने विपक्ष को खूब सुनाया

राष्ट्रीय जजमेंट

संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में आज सामान्य रूप से कार्यवाही देखने को मिली। एक ओर जहां लोकसभा में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। सांसदों ने अपने सवाल पूछे मंत्रियों ने उसके जवाब दिए। साथ ही साथ लोकसभा में कई महत्वपूर्ण जानकारी भी दी गई। दूसरी ओर राज्यसभा में आज ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा हुआ। आज दिनभर चले चर्चा का अंतिम में गृह मंत्री अमित शाह ने जवाब दिया। हालांकि, विपक्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में आने की मांग कर रहा था। विपक्ष को विपक्ष के इस मांग को स्वीकार नहीं किया गया जिसके बाद विपक्ष ने वर्कआउट किया। हालांकि आज भी बिहार में मतदाता पुनरीक्षण का मुद्दा विपक्षी सदस्यों की ओर से उठाया गया।गृह मंत्री अमित शाह ने पुष्टि की है कि पहलगाम हमला पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा द्वारा किया गया था। उन्होंने राज्यसभा में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने उनके मुख्यालय पर हमला करने का फैसला लिया और हम इसमें सफल रहे। हमने ट्रिगर दबाने वालों और आदेश देने वालों, दोनों को मार गिराया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन महादेव मिलकर दुनिया में कहीं भी आतंकवाद के खिलाफ सबसे कठोर प्रतिक्रिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद से लड़ने का भारत का संकल्प बेजोड़ है।गृह मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा को बताया कि ऑपरेशन महादेव के तहत तीन आतंकवादियों को मार गिराया गया। शाह ने कहा कि पहलगाम हमले की ज़िम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली है। उन्होंने राज्यसभा में कहा कि मैंने खुद जम्मू-कश्मीर का दौरा किया था। हमने न सिर्फ़ आतंकवादियों को पकड़ने का, बल्कि उन्हें पाकिस्तान भागने से रोकने का भी संकल्प लिया था—और हम दोनों मोर्चों पर कामयाब रहे। शाह ने संसद को बताया कि फोरेंसिक मिलान से पुष्टि हुई है कि मारे गए आतंकवादियों से बरामद राइफलें वही थीं जिनका इस्तेमाल पहलगाम हत्याकांड में किया गया था। उन्होंने कहा कि अब कोई बहस या संदेह नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि 155 लोगों से पूछताछ की गई और आश्रय प्रदाताओं की भी पहचान कर उनकी जाँच की गई।अमित शाह ने राज्यसभा में विपक्ष पर निशाना साधते हुए पूछा कि क्या वे आतंकवादियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने पूछा, “आप किसे बचाना चाहते थे – लश्कर-ए-तैयबा को?” और आगे कहा कि ऑपरेशन महादेव ने उसी दिन हमलावरों को मार गिराया जिस दिन सवाल उठाए गए थे। उन्होंने कहा, “चिदंबरम के बयान ने कांग्रेस को दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया है।” शाह ने कहा कि “हर हर महादेव” सिर्फ़ एक धार्मिक नारा नहीं था, बल्कि शिवाजी महाराज और उनकी सेनाओं द्वारा इस्तेमाल किए गए शस्त्रों का आह्वान था। उन्होंने राज्यसभा में अपने भाषण के दौरान कहा, “यह भारत की शक्ति, संकल्प और क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है।”अमित शाह ने राज्यसभा में कहा कि इस तरह के बर्बर अपराध कभी नहीं हुए, जहां लोगों को महिलाओं, बच्चों के सामने मारने से पहले उनका धर्म पूछा गया। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर परोक्ष हमला करते हुए बुधवार को उन्हें ‘‘चाइना गुरू’’ करार दिया और आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने चीन पर अपनी जानकारी 2008 के बीजिंग ओलंपिक में भाग लेकर और चीनी राजदूत से ‘‘निजी ट्यूशन’’ लेकर हासिल की। ऑपरेशन सिंदूर को क्रूरतम पहलगाम आतंकी हमले की सोची-समझी सटीक प्रतिक्रिया करार देते हुए एस जयशंकर ने कहा कि यह अब भारत की नयी नीति का आधार बन गया है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के जरिये भारत ने पहलगाम आतंकी हमले का जवाब दिया और जब भी पाकिस्तान हमला करेगा, हम उसे ऐसा ही करारा जवाब देंगे।
भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि 2004 से 2014 के बीच 10 साल की अवधि में उसने आतंकवादी घटनाओं के बाद कोई कार्रवाई नहीं की क्योंकि उसमें राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं थी। राज्यसभा में सदन के नेता नड्डा ने कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं होने के कारण तत्कालीन मनमोहन सिंह सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की लेकिन अब देश में राजनीतिक इच्छाशक्ति से भरी हुयी नरेन्द्र मोदी सरकार है। राज्यसभा में बुधवार को समाजवादी पार्टी की सदस्य जया बच्चन ने सरकार से सवाल किया कि ऑपरेशन सिंदूर नाम क्यों रखा गया जबकि पहलगाम आतंकी हमले में महिलाओं का सिंदूर उजड़ गया। वहीं, राष्ट्रीय जनता दल के सांसद मनोज कुमार झा ने बुधवार को अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तुलना लोकप्रिय कॉमिक्स के मुख्य पात्र ‘चाचा चौधरी’ से करते हुए ऑपरेशन सिंदूर में संघर्षविराम को लेकर झूठा दावा करने के कारण उनके विरूद्ध संसद में भर्त्सना प्रस्ताव पारित करवाने की मांग की।
लोकसभा की कार्यवाही- लोकसभा ने बुधवार को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन छह महीने और बढ़ाने के प्रावधान वाले सांविधिक संकल्प को मंजूरी दी। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में मणिपुर में राष्ट्रपति शासन से संबंधित सांविधिक संकल्प प्रस्तुत किया
– अरुणाचल प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लोकसभा सदस्य तापिर गाओ ने बुधवार को केंद्र से दलाई लामा को ‘भारत रत्न’ देने का आग्रह किया और कहा कि वह अहिंसा एवं करुणा के वैश्विक दूत हैं। – प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार के प्रयासों के कारण पिछले कुछ वर्षों में अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था और स्टार्टअप में बड़ा उछाल आया है।
– छत्तीसगढ़ के दुर्ग में दो कैथलिक नन की गिरफ्तारी का मुद्दा बुधवार को लोकसभा में उठाते हुए कांग्रेस के एक सांसद ने आरोप लगाया कि दोनों नन के साथ एक दक्षिणपंथी संगठन के लोगों ने मारपीट की और दोनों को राज्य पुलिस ने बिना किसी कारण के गिरफ्तार कर लिया। कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल ने शून्यकाल में इस मुद्दे को उठाते हुए दोनों नन की रिहाई की मांग की।- केरल के वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाद्रा ने अपने संसदीय क्षेत्र में एक साल पहले भूस्खलन के बाद आई भयावह आपदा का मुद्दा लोकसभा में उठाते हुए केंद्र सरकार से राहत के लिए ऋण के रूप में दी गई राशि को माफ करने का अनुरोध किया।- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड के संथाल परगना क्षेत्र में बांग्लादेशी घुसपैठियों की संख्या बढ़ने का अपना आरोप दोहराते हुए बुधवार को केंद्र सरकार से मांग की कि क्षेत्र में एनआरसी लागू किया जाए।- उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों के विलय का मुद्दा लोकसभा में उठाते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसदों ने मांग की कि केंद्र सरकार को इस दिशा में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए इस आदेश को वापस कराना चाहिए। सपा के धर्मेंद्र यादव ने शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए दावा किया कि उत्तर प्रदेश में एक लाख से अधिक सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं और कई हजार स्कूलों का विलय किया जा रहा है। इसे भी पढ़ें: धर्मांतरण पर देशभर में लगे प्रतिबंध! विहिप ने केंद्र से मांगा कड़ा कानून- पाकिस्तान के साथ 1971 के युद्ध के दौरान तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा अमेरिका के उस समय के राष्ट्रपति रिचर्ड निक्सन को पत्र लिखे जाने की खबरों के बीच भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने बुधवार को लोकसभा में सवाल किया कि यह चिट्ठी क्यों लिखी गई थी।

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