पेन विधानसभा सीट पर सभी पार्टियों ने कसी अपनी कमर, बीजेपी ने रवीन्द्र दगड़ू पाटिल को दिया टिकट

राष्ट्रीय जजमेंट

महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में सिर्फ अब कुछ दिनों का समय और बचा है। यहां चुनाव एक चरण में 20 नवंबर को होना है। वहीं चुनाव परिणाम 23 नवंबर को आएगा। इसके लिए सभी राजनीतिक दलों ने कमर पहले से ही कस रखी है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में एक सीट और एक वोट कुछ मौकों पर महत्वपूर्ण साबित हुई हैं। इसी चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने रविन्द्र दगडू पाटिल को अपना उम्मीदवार घोषित किया है। वोट और सीटों की महत्ता समझते हुए सभी दल सियासी बिसात बिछाने में जुट गए हैं। सूबे के गर्म सियासी माहौल में महायुति और महा विकास अघाड़ी दोनों गठबंधन फूंक-फूंक कर कदम रख रहे हैं।पेन महाराष्ट्र की 191वीं विधानसभा है। यहां से 2019 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी रविश पाटिल ने शेतकारी कामगार पार्टी के लगातार दो बार विधायक रहे धैर्यशील मोहन पाटिल को हराकर जीत दर्ज की थी। वहीं 2004 के विधानसभा चुनाव में शेतकारी कामगार पार्टी के प्रत्याशी धैर्यशील मोहन पाटिल ने कांग्रेस के रविशेठ पाटिल को करीब 2 हजार के मामूली अंतर से हराया था। पिछले 4 विधानसभा चुनावों में पेन सीट पर तीन अलग-अलग पार्टियों का दबदबा रहा है। जिससे इस सीट की सियासत दिलचस्प हो गई है। देखना होगा कि इस बार भाजपा दोबारा जीतती है या कोई नया प्रतिनिधि पेन को मिलता है।पेन विधानसभा सीट के वर्तमान विधायक रविसेठ पाटिल की प्रोफाइल की बात करें तो यह साफ छवि के नेता हैं। 2019 में दिए गए चुनावी हलफनामे के अनुसार इनके ऊपर कोई क्रिमिनल केस नहीं है। साथ ही इन पर किसी प्रकार का कोई कर्ज भी नहीं है। वहीं संपत्ति की बात करें तो ये भाजपा के करोड़पति विधायकों में से एक हैं। इनके पास कुल 5 करोड़ रुपये की संपत्ति है। शिक्षा की बात करें तो इन्होंने सिर्फ 12वीं पास की है।जानिए पेन विधानसभा का जातीय समीकरण यह विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र महाराष्ट्र राज्य के 288 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक है। यह एक सामान्य श्रेणी की विधानसभा सीट है। यह रायगढ़ जिले में स्थित है और रायगढ़ संसदीय सीट के 6 विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। पेन विधानसभा में अनुसूचित जाति के मतदाता लगभग 10,821 हैं। वहीं अनुसूचित जनजाति के मतदाता लगभग 63,824 है। इसके अलावा पेन विधानसभा में मुस्लिम मतदाता लगभग 7,214 हैं, जो मतदाता सूची विश्लेषण के अनुसार लगभग 2.1% है। 2019 विधानसभा चुनाव के अनुसार पेन विधानसभा के मतदाताओं का कुल मतदान 62.87 प्रतिशत हुआ था।
2024 में जीत का सटीक समीकरण पेन विधानसभा में 1972 से 2019 से हार जीत का पैटर्न देखे तो यहां सबसे ज्यादा बार PWPI का विधायक रहा है। इस सीट पर 2019 में भाजपा को पहली बार सफतला मिली थी। हालांकि भाजपा प्रत्याशी ने PWPI के प्रत्याशी को करीब 48 हजार के मार्जिन से मात दी थी। इसलिए इस सीट पर स्पष्ट है कि इन्हीं दोनों पार्टियों में लड़ाई रहेगी, लेकिन इस चुनाव में सियासी जानकारों का कहना है सूबे में महाविकास अघाड़ी की हवा है। ऐसे में भाजपा के मतदाता बंटे तो जीत PWPI की हो सकती है।

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